इंदौर पुलिस की गुंडागर्दी: वारंट के नाम पर तोड़ा दरवाजा, वसूली के आरोप में थानेदार समेत 5 सस्पेंड

इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में कानून के रखवालों द्वारा ही कानून की धज्जियां उड़ाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पूर्व एसीपी राकेश गुप्ता से जुड़े एक विवाद में आरोपी गौरव जैन को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर दबंगई, तोड़फोड़ और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने नियमों को ताक पर रखकर न केवल घर का दरवाजा तोड़ा, बल्कि परिजनों के साथ बदसलूकी करते हुए जबरन गिरफ्तारी की कार्रवाई को अंजाम दिया।
वर्दी की आड़ में वसूली का खेल: कमिश्नर के एक्शन से पुलिस महकमे में हड़कंप
पीड़ित परिवार ने पुलिस की इस बर्बरता और ग्वालियर पेशी पर ले जाने के दौरान वकील से बात कराने के नाम पर 25 हजार रुपये की वसूली की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की थी। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह और डीसीपी कुमार प्रतीक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच में आरोप सही पाए जाने पर विजय नगर थाने के थानेदार संजय विश्नोई सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। हालांकि आरोपी गौरव जैन पर कई शहरों में आपराधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन पुलिस द्वारा अपनाई गई अमानवीय प्रक्रिया और भ्रष्टाचार ने विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल एक हवलदार की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
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