जशपुर को मिलेगी लो-वोल्टेज से मुक्ति: 133 क्षेत्रों में लगेंगे नए ट्रांसफार्मर, मुख्यमंत्री की पहल से रोशन होगा बस्तर और सरगुजा

रायपुर/जशपुर। छत्तीसगढ़ में विद्युत अधोसंरचना को सुदृढ़ और विश्वसनीय बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। विशेषकर जशपुर जिले सहित राज्य के ग्रामीण अंचलों में लो-वोल्टेज की पुरानी समस्या को खत्म करने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना लागू की जा रही है।
133 क्षेत्रों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की स्थापना
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, जशपुर जिले के 133 गांवों, नगरों और टोला-मुहल्लों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। इस पहल से लो-वोल्टेज और अघोषित बिजली कटौती (ट्रिपिंग) जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान होगा। इसका सीधा लाभ किसानों को सिंचाई में, छात्रों को पढ़ाई में और छोटे व्यापारियों को उनके कामकाज में मिलेगा।
कुनकुरी में बनेगा अत्याधुनिक पावर हब
विद्युत विस्तार योजना के तहत जशपुर जिले में उच्च स्तरीय बुनियादी ढांचों का निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है:
अत्याधुनिक उपकेंद्र: कुनकुरी के हर्राडांड में 400/220 केवी का हाई-टेक सब-स्टेशन स्थापित किया जा रहा है, जो प्रदेश के प्रमुख विद्युत केंद्रों में से एक होगा।
33/11 केवी सब-स्टेशन: सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े, पालीडीह, खुटेरा एवं चेटवा जैसे क्षेत्रों में नए सब-स्टेशन बनेंगे।
उच्च क्षमता केंद्र: फरसाबहार और झिक्की बगीचा में 132/33 केवी के नए उपकेंद्रों की स्वीकृति दी गई है, जो क्षेत्रीय वितरण प्रणाली को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे।
चौमुखी विकास और सुधरेगा जीवन स्तर
इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से न केवल बिजली की गुणवत्ता (Quality Supply) में सुधार आएगा, बल्कि औद्योगिक और कृषि गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में विश्वसनीय बिजली आपूर्ति से नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।
स्थानीय निवासियों ने इस जनहितैषी पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि सुदूर वनांचलों तक निर्बाध बिजली पहुंचना राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।




