किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: बिहार से पंजाब तक गेहूं की बंपर खरीद का आगाज, 160 रुपये बढ़ी MSP; समय पर भुगतान के लिए तुरंत करें यह काम

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए गेहूं की सरकारी खरीद 1 अप्रैल 2026 से शुरू कर दी है। इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले सीजन की तुलना में 160 रुपये अधिक है।
देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में मंडियों को पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। सरकार का लक्ष्य किसानों को फसल बेचने में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े और उन्हें समय पर एमएसपी का पूरा भुगतान सुनिश्चित हो।
बिहार में तेज भुगतान और ऑनलाइन सिस्टम पर जोर
बिहार सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की है कि 1 अप्रैल से खरीद शुरू होते ही 48 घंटे के भीतर एमएसपी की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। इसके लिए किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है। खरीद प्राथमिक कृषि ऋण समितियों और व्यापार मंडलों के माध्यम से की जाएगी। राज्य सरकार का फोकस पारदर्शिता और शीघ्र भुगतान पर है।
पंजाब में बड़े पैमाने पर खरीद
पंजाब में भी 1 अप्रैल से खरीद शुरू हो रही है। राज्य सरकार ने हजारों खरीद केंद्र और मंडियों को सक्रिय कर दिया है। इस सीजन में 122 से 132 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। भंडारण स्थान की कमी और उठान में दिक्कत के कारण मंडियों में भीड़ बढ़ने की आशंका है। बाहरी राज्यों से गेहूं लाने पर सख्ती बरती जा रही है।
हरियाणा में लक्ष्य आधारित खरीद पर फोकस
हरियाणा में इस बार लगभग 72 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य है। राज्य सरकार ने मंडियों में बेहतर सुविधाओं, भंडारण और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। किसानों की फसल की शीघ्र उठान के लिए नए खरीद केंद्र बनाए गए हैं।
एमएसपी बढ़ोतरी से किसानों को फायदा
फिलहाल निजी व्यापारियों को फसल बेचने वाले किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। सरकारी खरीद के तहत 2585 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी मिलने से किसानों को राहत की उम्मीद है। सरकारी खरीद प्रणाली किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाने का अहम साधन मानी जाती है।
चुनौतियों के बीच शुरू होगा सीजन
खरीद सीजन की शुरुआत के साथ कुछ चुनौतियां भी सामने हैं। पंजाब में भंडारण और लॉजिस्टिक्स की समस्या बनी हुई है। वहां आढ़तियों ने 1 अप्रैल से हड़ताल का ऐलान किया है, जिसका असर खरीद पर पड़ सकता है। शुरुआती दिनों में कुछ राज्यों में व्यवस्था संबंधी छोटी-मोटी दिक्कतें आ सकती हैं।
किसानों के लिए सलाह
फसल बेचने के लिए समय पर स्लॉट बुकिंग कराएं। गेहूं को साफ-सुथरा और मानकों के अनुसार मंडी में लाएं। ऑनलाइन पंजीकरण अवश्य कराएं ताकि भुगतान में देरी न हो। सरकार को उम्मीद है कि इस बार डिजिटल सिस्टम और सीधे बैंक भुगतान से खरीद प्रक्रिया पहले से अधिक पारदर्शी, तीव्र और सुगम रहेगी।



