स्वास्थ्य विभाग में बायोमेट्रिक सख्ती, राजनांदगांव CMHO ने सभी कर्मचारियों के लिए लागू किया आधार अटेंडेंस नियम

रायपुर। राजनांदगांव स्वास्थ्य विभाग में आधार आधारित उपस्थिति को लेकर जारी आदेश के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया। कर्मचारियों की नाराजगी और लगातार उठ रहे सवालों के बीच मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय ने आदेश में संशोधन करते हुए अब नियमित, संविदा, डीएमएफ समेत सभी कर्मचारियों के लिए 100 प्रतिशत आधार आधारित उपस्थिति अनिवार्य कर दी है।
पहले जारी आदेश में केवल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारियों के लिए आधार आधारित उपस्थिति और उसी आधार पर वेतन आहरण का निर्देश दिया गया था। इस फैसले के बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में असंतोष बढ़ गया था। कर्मचारियों का कहना था कि केवल एनएचएम स्टाफ पर नियम लागू करना भेदभावपूर्ण है।
विवाद बढ़ने के बाद CMHO कार्यालय ने संशोधित आदेश जारी किया। नए आदेश के तहत सभी खंड चिकित्सा अधिकारी, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक, सिविल सर्जन, अस्पताल अधीक्षक और स्वास्थ्य विभाग के समस्त कर्मचारियों को आधार आधारित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग में इस फैसले को लेकर प्रदेश स्तर तक चर्चा तेज हो गई थी। मामला मंत्रालय तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने सभी वर्गों के कर्मचारियों को एक समान नियम के दायरे में लाने का फैसला लिया। अब स्वास्थ्य विभाग में वेतन प्रक्रिया और उपस्थिति व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल निगरानी में रहेगी।
गौरतलब है कि राज्य शासन पहले ही सभी जिलों के कलेक्टरों को शासकीय कर्मचारियों की आधार आधारित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर चुका है। इसके बावजूद कई विभागों में अब तक इसका पूरी तरह पालन नहीं हो पा रहा था। राजनांदगांव स्वास्थ्य विभाग का यह कदम अब अन्य जिलों के लिए भी मिसाल माना जा रहा है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारियों की उपस्थिति, समय पालन और कार्यप्रणाली पर सीधी निगरानी रखी जाएगी। विभागीय अधिकारियों को आदेश के पालन में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए हैं।



