डच क्रूज शिप पर हंतावायरस का हमला, तीन यात्रियों की मौत से मचा हड़कंप

नई दिल्ली
अर्जेंटीना से रवाना हुए डच क्रूज शिप एमवी होंडियस पर हंतावायरस के प्रकोप ने वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों को चिंता में डाल दिया है। इस जहाज पर सवार कई यात्रियों के बीमार होने के बाद अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पुष्टि की है कि इस क्रूज से जुड़े कुल 8 मामले सामने आए हैं। इनमें से पांच में हंतावायरस संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, जबकि तीन संदिग्ध मामले हैं।

हंतावायरस मुख्य रूप से चूहों के जरिए फैलता है। चूहों के मल, मूत्र या लार के सीधे संपर्क में आने से इंसान इसकी चपेट में आ सकते हैं। हालांकि, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने स्पष्ट किया है कि यह कोविड-19 जैसी महामारी नहीं है और न ही यह कोई नया वायरस है। उन्होंने कहा कि दुनिया को छह साल पहले जैसी स्थिति से डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि इसका प्रसार सीमित है।
संक्रमण का पहला मामला 6 अप्रैल को एक पुरुष यात्री में देखा गया था, जिसकी 11 अप्रैल को जहाज पर ही मौत हो गई। शुरुआती लक्षणों को सामान्य सांस की बीमारी माना गया था, इसलिए उस समय सैंपल नहीं लिए गए। बाद में जब जहाज डॉक हुआ और एक संक्रमित यात्री जोहानसबर्ग पहुंचा, तो वहां उसकी मौत के बाद जांच में हंतावायरस की पुष्टि हुई। इसके बाद स्विट्जरलैंड में भी संक्रमण का मामला दर्ज किया गया।
डब्ल्यूएचओ ने उन 12 देशों को आधिकारिक तौर पर अलर्ट जारी कर दिया है, जिनके नागरिक सेंट हेलेना में इस क्रूज से उतरे थे। इन देशों में ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, सिंगापुर और तुर्किये शामिल हैं। राहत की बात यह है कि जहाज पर मौजूद अन्य यात्रियों में फिलहाल कोई लक्षण नहीं मिले हैं। स्वास्थ्य संगठन का आकलन है कि आम जनता के लिए इसका जोखिम फिलहाल कम है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत निगरानी बढ़ा दी गई है।



