सेरिखेड़ी में आदिवासियों के घर उजाड़ने पर भड़की कांग्रेस, सड़क पर उतरने की दी चेतावनी

रायपुर। राजधानी के धरसींवा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सेरिखेड़ी में सालों से रह रहे आदिवासी परिवारों को बिना सूचना और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बेदखल करने का मामला गरमा गया है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को प्रशासनिक आतंक करार देते हुए इसे गरीब और मूलनिवासी समाज के अधिकारों पर सीधा हमला बताया है।
सरकार के बुलडोजर पर कांग्रेस का प्रहार और पुनर्वास की मांग
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग के कार्यकारी अध्यक्ष भावेश बघेल ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे भाजपा सरकार की आदिवासी विरोधी सोच का परिणाम बताया है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद अगर समाज का यह हाल है, तो यह शासन की सबसे बड़ी विफलता है।
भीषण गर्मी और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को बेघर करना अमानवीय कृत्य है। रायपुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष पप्पू बंजारे और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने तुरंत प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने और मुआवजे की व्यवस्था नहीं की, तो कांग्रेस उग्र जनआंदोलन शुरू करेगी।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि गरीबों के सम्मान और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस अन्याय के खिलाफ सदन से सड़क तक लड़ाई लड़ी जाएगी।




