दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना: कल 5 लाख परिवारों के खातों में राशि अंतरित करेंगे मुख्यमंत्री

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ के तहत कल, 25 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बलौदाबाजार से प्रदेश के 4.95 लाख से अधिक पात्र परिवारों के खातों में सहायता राशि अंतरित करेंगे। राज्य सरकार ने इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के भूमिहीन श्रमिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने इस सहायता राशि को पूर्व में मिलने वाले 7,000 रुपये से बढ़ाकर अब 10,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया है।
इस योजना के लाभार्थियों में रायपुर जिले से सर्वाधिक 53,338 भूमिहीन कृषि मजदूर शामिल हैं, जबकि बीजापुर जिले से सबसे कम 1,542 श्रमिकों का चयन हुआ है। अन्य प्रमुख जिलों में बिलासपुर से 39,401 और महासमुंद से 37,011 लाभार्थी शामिल हैं। कम संख्या वाले जिलों में कोरिया से 1,549 और नारायणपुर से 1,805 भूमिहीन मजदूरों का ई-केवाईसी पूर्ण हो चुका है, जिन्हें इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा।
योजना का विस्तार और वित्तीय प्रावधान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य भूमिहीन परिवारों की शुद्ध आय में वृद्धि करना है। इस कल्याणकारी पहल के दायरे में केवल कृषि मजदूर ही नहीं, बल्कि वनोपज संग्राहक, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई और धोबी जैसे पौनी-पसारी व्यवस्था से जुड़े भूमिहीन परिवार भी शामिल किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, अनुसूचित क्षेत्रों में देवस्थलों की सेवा करने वाले 22,028 बैगा, गुनिया, मांझी और पुजारी परिवारों को भी आर्थिक सुरक्षा प्रदान की गई है।
संकल्प बजट 2026-27 में इस योजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्तमान में 4.95 लाख परिवारों के लिए 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि सुरक्षित की गई है। यह वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे वे शिक्षा, स्वास्थ्य और अपनी दैनिक आवश्यकताओं को बिना किसी कर्ज के पूरा कर सकें। सरकार की यह नीति अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करने का संकल्प दोहराती है।



