पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई, डीजीपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी हटाए गए

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद चुनाव आयोग ने राज्य के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया है। मुख्य सचिव और गृह सचिव को हटाने के करीब 12 घंटे बाद आयोग ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को भी पद से हटा दिया। इसके साथ ही कोलकाता पुलिस आयुक्त सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों का भी तबादला किया गया है।
चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पहले ही कहा था कि पश्चिम बंगाल में हिंसा और डराने-धमकाने के लिए कोई जगह नहीं होगी और चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में कराए जाएंगे।
आयोग के आदेश के अनुसार, 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी सिद्ध नाथ गुप्ता को पश्चिम बंगाल का नया पुलिस महानिदेशक और पुलिस प्रमुख नियुक्त किया गया है। वहीं 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय कुमार नंद को कोलकाता पुलिस आयुक्त बनाया गया है। नटराजन रमेश बाबू को सुधार सेवा विभाग का महानिदेशक और अजय मुकुंद रानाडे को अतिरिक्त महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इससे पहले चुनाव आयोग ने 1993 बैच के आईएएस अधिकारी दुष्यंत नारियाला को पश्चिम बंगाल का मुख्य सचिव नियुक्त किया था। नंदिनी चक्रवर्ती को इस पद से हटाया गया है। गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को भी पद से हटाते हुए 1997 बैच की आईएएस अधिकारी संघमित्रा घोष को गृह और पहाड़ी मामलों का प्रधान सचिव नियुक्त करने का निर्देश दिया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन अधिकारियों का तबादला किया गया है, उन्हें चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव से जुड़े किसी काम में नहीं लगाया जाएगा।
चुनाव आयोग की इस कार्रवाई को पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष और हिंसामुक्त मतदान सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।



