आध्यात्म और नशामुक्ति के मंच से मुख्यमंत्री साय का संदेश, बोले- संस्कारित समाज के लिए आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाना जरूरी

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड स्थित ग्राम पोड़ी (राछा) में आयोजित सत्य निजनाम सत्संग सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने आध्यात्मिक मूल्यों, नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता को स्वस्थ समाज की नींव बताते हुए युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
सत्य निजनाम बोध संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने परमपूज्य सद्गुरु सत्य कबड्डीदास जी और गुरुमाता सत्य लीला देवी जी से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा आश्रम परिसर में लाल चंदन का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्य निजनाम बोध संस्थान आध्यात्म और नशामुक्ति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि केवल कानून के माध्यम से नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और आध्यात्मिक चेतना के जरिए भी नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए समाज के सभी वर्गों से सहयोग की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को मंजूरी दी। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर धान खरीदी की जा रही है और महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में इन इलाकों में शांति और विकास का नया माहौल बना है। सड़क, संचार, राशन और अन्य बुनियादी सुविधाएं अब तेजी से लोगों तक पहुंच रही हैं।
राजनीतिक दृष्टि से देखें तो आध्यात्मिक और सामाजिक आयोजनों में मुख्यमंत्री की सक्रिय भागीदारी भाजपा की उस रणनीति को मजबूत करती है, जिसमें सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक संगठनों के माध्यम से जनसंपर्क बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम के मंच से सरकार की योजनाओं, सुशासन, नशामुक्ति अभियान और नक्सल मोर्चे पर उपलब्धियों का उल्लेख कर सरकार ने विकास और सामाजिक सरोकारों का संयुक्त संदेश देने का प्रयास किया।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



