जशपुर को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी, धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना को मिली विशेष परियोजना का दर्जा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की वर्षों पुरानी रेल संपर्क की मांग अब पूरी होने की दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है। केंद्र सरकार ने धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस फैसले को उत्तर छत्तीसगढ़, खासकर जशपुर जिले के लिए ऐतिहासिक बताया है।
जशपुर उन चुनिंदा जिलों में रहा है, जहां अब तक रेलवे की सीधी पहुंच नहीं थी। सड़क मार्ग ही यहां के लोगों के लिए प्रमुख परिवहन साधन रहा है। ऐसे में रेल परियोजना को विशेष दर्जा मिलने के बाद उम्मीद बढ़ गई है कि आने वाले वर्षों में जशपुर भी देश के रेल मानचित्र पर दिखाई देगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह परियोजना केवल रेल लाइन बिछाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। उनका कहना है कि रेल संपर्क बढ़ने से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही जशपुर जैसे वनांचल क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जशपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का गृह जिला है और लंबे समय से यहां रेल सुविधा की मांग उठती रही है। ऐसे में परियोजना को विशेष रेल परियोजना का दर्जा मिलना भाजपा सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रेल संपर्क किसी भी क्षेत्र के विकास का महत्वपूर्ण आधार होता है। बेहतर परिवहन व्यवस्था से उद्योगों और निवेश को बढ़ावा मिलता है। जशपुर प्राकृतिक संसाधनों, पर्यटन स्थलों और कृषि उत्पादों के लिए जाना जाता है। रेल नेटवर्क से जुड़ने के बाद यहां के स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार दूरस्थ क्षेत्रों को आधारभूत सुविधाओं से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रही है। रेल, सड़क और ऊर्जा क्षेत्र की परियोजनाओं के माध्यम से विकास को गांवों और वनांचल क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है। धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना भी इसी सोच का हिस्सा है।
रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया, पत्थलगांव विधायक गोमती साय और जशपुर विधायक रायमुनि भगत ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इससे क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों, छात्रों और युवाओं को सीधे लाभ मिलेगा।
हालांकि परियोजना के निर्माण और क्रियान्वयन की प्रक्रिया में अभी समय लगेगा, लेकिन विशेष रेल परियोजना का दर्जा मिलने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि जशपुर को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने का रास्ता खुल चुका है। यदि यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है तो उत्तर छत्तीसगढ़ के विकास की तस्वीर बदलने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।


