फ्रेंड्स कॉलोनी चोरी मामला: 48 घंटे में पुलिस ने बरामद की तिजोरी, 25.64 लाख का माल मिला

रायगढ़। फ्रेंड्स कॉलोनी में हुई चोरी की घटना में रायगढ़ पुलिस ने 48 घंटे के भीतर बड़ी सफलता हासिल करते हुए चोरी गई तिजोरी को बंद हालत में बरामद कर लिया है। बरामद तिजोरी से सोने-चांदी के आभूषण और नगद राशि सहित लगभग 25.64 लाख रुपये मूल्य का सामान मिला है।
पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने घटनास्थल के आसपास सघन सर्च अभियान चलाया। इस दौरान झाड़ियों में छिपाई गई तिजोरी बरामद की गई। तिजोरी को प्रार्थी और उनके परिजनों की मौजूदगी में खोला गया, जहां से लगभग 27 तोला सोने के जेवरात और 64 हजार रुपये नगद प्राप्त हुए। विधिवत पंचनामा कार्यवाही पूरी की गई।
घटना के संबंध में 29 दिसंबर 2025 को कोतरारोड थाना में प्रार्थी गौरव अग्रवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके भाई आलोक अग्रवाल, निवासी क्वार्टर नंबर 19, फ्रेंड्स कॉलोनी, 27 दिसंबर को निजी कार्य से रायपुर गए थे। 29 दिसंबर को घर की बाई ने मुख्य दरवाजा अंदर से बंद और संदिग्ध स्थिति की सूचना दी। मौके पर पहुंचने पर बेडरूम की ग्रिल और ताले टूटे मिले तथा घर का सामान बिखरा हुआ था।
इस मामले में कोतरारोड थाना में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 505/2028, धारा 331(4) भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जानकारी में आलोक अग्रवाल ने बताया था कि घर से तिजोरी सहित लगभग 54 तोला सोने-चांदी के आभूषण और 2 लाख रुपये नगद चोरी हुए हैं।
घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, थाना प्रभारी मोहन भारद्वाज, साइबर सेल, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने मौके का निरीक्षण किया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष सर्च अभियान चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप तिजोरी की बरामदगी संभव हो सकी।
पुलिस टीम द्वारा अन्य चोरी गए सामानों की बरामदगी और आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं तथा संदिग्धों से पूछताछ जारी है। इस कार्रवाई में थाना कोतरारोड के प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज, उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त, प्रधान आरक्षक बाबूलाल पटेल, करुणेश राय, आरक्षक टिकेश्वर यादव, राजेश खांडे, चंद्रेश पांडे, चूड़ामणि गुप्ता और साइबर सेल के स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस सफलता के बाद प्रार्थी पक्ष ने पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया है। घटना से स्थानीय नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना और मजबूत हुई है।


