दिल्ली फिर शर्मसार: नांगलोई में चलती बस में महिला से गैंगरेप, ड्राइवर और हेल्पर गिरफ्तार

नई दिल्ली। देश की राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा के दावे एक बार फिर खोखले साबित हुए हैं। पश्चिमी दिल्ली के नांगलोई इलाके में एक प्राइवेट स्लीपर बस के अंदर महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है।
फैक्ट्री से लौट रही थी महिला, रास्ते से खींचा
पीड़ित महिला नांगलोई की एक फैक्ट्री में काम करती है। घटना वाली रात वह काम खत्म करके पैदल ही अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में खड़ी एक प्राइवेट स्लीपर बस के ड्राइवर और हेल्पर की नीयत बिगड़ गई। आरोप है कि उन्होंने महिला को जबरन बस के अंदर खींच लिया। इसके बाद हैवानियत का जो खेल शुरू हुआ, उसने दिल्ली को एक बार फिर दहला दिया।
7 किलोमीटर तक चलती रही बस, होता रहा जुल्म
आरोपियों ने महिला को बस में बंधक बना लिया और गाड़ी चलानी शुरू कर दी। करीब 7 किलोमीटर तक बस सड़क पर दौड़ती रही और अंदर महिला के साथ दरिंदगी की गई। वारदात को अंजाम देने के बाद रात करीब 2 बजे आरोपियों ने महिला को सुनसान सड़क पर उतारा और बस लेकर फरार हो गए। महिला किसी तरह अपने घर पहुंची और पुलिस को आपबीती सुनाई।
पुलिस ने बस जब्त की, आरोपी सलाखों के पीछे
शिकायत मिलते ही दिल्ली पुलिस एक्शन में आई। रानी बाग थाने में बीएनएस (BNS) की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों आरोपियों सुदेश (30) और अमन (26) को धर दबोचा। सुदेश बस चला रहा था और अमन उसका हेल्पर था। वारदात में इस्तेमाल हुई बस को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। फिलहाल यह बस रानी बाग थाने के पास दिल्ली जल बोर्ड के परिसर में खड़ी की गई है, जहां पुलिस का पहरा है।
सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
महिला की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन वह गहरे सदमे में है। इस घटना ने साबित कर दिया है कि रात के वक्त दिल्ली की सड़कों पर कामकाजी महिलाएं आज भी सुरक्षित नहीं हैं। एक तरफ पुलिस गश्त के दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ अपराधी चलती बस में वारदात को अंजाम देकर निकल जाते हैं।



