चुनाव आयोग का बड़ा अभियान: 19 राज्यों में घर-घर पहुंचेंगे अफसर, 36 करोड़ से ज्यादा वोटर लिस्ट की होगी जांच

नई दिल्ली। अगर आपका नाम वोटर लिस्ट में है या आप नया नाम जुड़वाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके काम की है। चुनाव आयोग ने देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने के लिए ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) के तीसरे चरण का ऐलान कर दिया है। इस अभियान के तहत सरकारी कर्मचारी आपके घर आकर जानकारी वेरिफाई करेंगे।
36 करोड़ मतदाताओं का होगा घर-घर वेरिफिकेशन
चुनाव आयोग के इस फैसले से करीब 36.73 करोड़ वोटरों के डेटा की जांच होगी। आयोग चाहता है कि वोटर लिस्ट एकदम सटीक और पारदर्शी रहे। इसके लिए 3.94 लाख बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) तैनात किए जाएंगे। ये अफसर घर-घर जाकर यह देखेंगे कि लिस्ट में दर्ज व्यक्ति उसी पते पर रहता है या नहीं, या कहीं किसी मृतक का नाम लिस्ट में तो नहीं रह गया है।
इस काम में राजनीतिक दलों के एजेंट (BLA) भी मदद करेंगे। आयोग ने पार्टियों से कहा है कि वे अपने एजेंट तैनात करें ताकि पूरी प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी न हो और पारदर्शिता बनी रहे।
इन राज्यों में कब चलेगा अभियान?
यह अभियान मई से शुरू होकर सितंबर 2026 तक अलग-अलग चरणों में चलेगा।
- ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर: यहाँ 30 मई से 28 जून तक घर-घर वेरिफिकेशन होगा। फाइनल लिस्ट 6 सितंबर 2026 को आएगी।
- दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक और झारखंड: इन राज्यों में प्रक्रिया जून के आखिर में शुरू होगी और 7 अक्टूबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी।
- अन्य राज्य: उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में भी इसी दौरान काम चलेगा।
जनगणना के साथ तालमेल
खास बात यह है कि इस बार चुनाव आयोग ने जनगणना (Census) के ‘हाउस लिस्टिंग’ अभियान को ध्यान में रखकर यह समय तय किया है। इससे जनता को बार-बार जानकारी देने की परेशानी नहीं होगी और दोनों विभागों के बीच तालमेल बना रहेगा।
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को फिलहाल इस लिस्ट से बाहर रखा गया है। वहां की भौगोलिक परिस्थितियों और बर्फबारी को देखते हुए चुनाव आयोग बाद में अलग से तारीखें तय करेगा। इससे पहले के दो चरणों में करीब 59 करोड़ मतदाताओं की लिस्ट पहले ही जांची जा चुकी है।



