सरकारी कर्मचारियों पर आदेश में यू-टर्न, RSS कनेक्शन पर सियासी घमासान

रायपुर में सरकारी कर्मचारियों की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर जारी आदेश पर छत्तीसगढ़ सरकार के यू-टर्न ने सियासी विवाद खड़ा कर दिया है, कांग्रेस ने इस फैसले के पीछे Rashtriya Swayamsevak Sangh की भूमिका का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने साफ किया है कि आरएसएस कोई राजनीतिक दल नहीं है और कर्मचारियों को नियमों के तहत ही काम करना होगा।
कांग्रेस के तीखे सवाल, भाजपा का पलटवार
कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने सरकार से पूछा कि क्या अब सरकारी कर्मचारियों को राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में खुली छूट दी जा रही है और क्या यह आदेश आरएसएस से जुड़ने का रास्ता खोल रहा है, वहीं उप मुख्यमंत्री Arun Sao ने जवाब देते हुए कहा कि कर्मचारी सेवा नियमों से बंधे हैं और उसी के अनुसार आचरण करना होगा, आरएसएस को राजनीतिक दल बताना गलत है और कांग्रेस को यह समझना चाहिए।
बंगाल से लेकर OBC तक, कई मुद्दों पर साधा निशाना
डिप्टी सीएम ने West Bengal की राजनीति पर कहा कि Mamata Banerjee का दौर खत्म होने वाला है और राज्य में बदलाव तय है, वहीं राहुल गांधी की ओबीसी बैठक पर हमला करते हुए कहा कि Indian National Congress ने हमेशा ओबीसी वर्ग की अनदेखी की है, साथ ही धान खरीदी में नुकसान को लेकर सरकार ने समीक्षा और सुधार की बात कही, Amit Jogi को सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम राहत पर भी उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला अभी आना बाकी है और न्याय प्रक्रिया के तहत ही होगा।



