वाटरशेड योजना से बदली किसान छबी लाल की जिंदगी, 1.5 एकड़ में उगा दी खुशहाली

रायपुर। धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के ग्राम बेलौदी के किसान छबी लाल आज ग्रामीण क्षेत्र में सफलता की नई मिसाल बन गए हैं। कभी पानी की कमी और सीमित संसाधनों के कारण आर्थिक तंगी झेलने वाले छबी लाल अब अपनी 1.5 एकड़ जमीन पर सब्जी उत्पादन कर अच्छी कमाई कर रहे हैं। उनकी सफलता के पीछे वाटरशेड विकास योजना की बड़ी भूमिका रही है।

छबी लाल पहले पारंपरिक खेती करते थे। बारिश पर निर्भर खेती होने के कारण आमदनी बेहद कम थी। खेती में लागत ज्यादा और मुनाफा कम होने से परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर थी। लेकिन वाटरशेड योजना के तहत मिले सहयोग और तकनीकी मार्गदर्शन ने उनकी जिंदगी बदल दी।
योजना के जरिए उन्हें आजीविका मद से सहायता मिली। साथ ही कृषि विशेषज्ञों ने आधुनिक खेती के तरीके सिखाए। इसके बाद उन्होंने अपनी छोटी जमीन पर वैज्ञानिक तरीके से सब्जियों की खेती शुरू की। आज उनके खेत में बरबट्टी, भिंडी, करेला, बैंगन और तोरई जैसी कई सब्जियां लहलहा रही हैं।
जल संरक्षण कार्यों के कारण खेत में पर्याप्त नमी बनी रहती है। इससे सिंचाई की समस्या कम हुई और उत्पादन लागत भी घटी। वहीं सब्जियों की अच्छी पैदावार से उनकी आय में कई गुना बढ़ोतरी हुई है।
छबी लाल की मेहनत और सफलता की चर्चा अब दिल्ली तक पहुंच चुकी है। हाल ही में भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग के सचिव नरेन्द्र भूषण धमतरी दौरे पर उनके खेत पहुंचे। उन्होंने खेत में लगी फसलों का निरीक्षण किया और किसान की मेहनत की सराहना की।
नरेन्द्र भूषण ने कहा कि वाटरशेड योजना सिर्फ जल संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का मजबूत माध्यम बन रही है। सही योजना और मेहनत से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है।
आज छबी लाल स्थानीय बाजारों में ताजी सब्जियां बेच रहे हैं। इससे उनकी आमदनी बढ़ी है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। गांव के दूसरे किसान भी अब उनसे प्रेरणा लेकर आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।


