कोसमी में सफल बोर खनन से खत्म हुआ जल संकट, ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत

रायपुर। भीषण गर्मी के बीच गंगरेल बांध के डूबान क्षेत्र से राहत भरी खबर सामने आई है। जल जीवन मिशन के तहत ग्राम कोसमी में किया गया नया बोर खनन पूरी तरह सफल रहा है। इसके बाद गांव में पेयजल संकट काफी हद तक दूर हो गया है। पानी निकलते ही ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी लौट आई।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) ने तेजी दिखाते हुए गांव में पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए युद्धस्तर पर काम किया। भूजल स्तर लगातार नीचे जाने से क्षेत्र में पानी की समस्या बढ़ रही थी। ऐसे में विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर नए बोर की खुदाई शुरू कराई, जो सफल रही।
अधिकारियों के मुताबिक अब गांव में पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। जल्द ही पाइपलाइन के जरिए घर-घर साफ पानी पहुंचाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। विभाग का कहना है कि डूबान क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए विशेष योजना के तहत काम किया जा रहा है।
जल जीवन मिशन के तहत कोसमी, कोड़ेगांव-आर और तिर्रा जैसे गांवों में आ रही पेयजल समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जा रहा है। कोसमी में मिली सफलता के बाद अब दूसरे गांवों में भी बंद पड़े हैंडपंप सुधारने और नए जल स्रोत विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
पीएचई विभाग के अधिकारियों ने कहा कि गर्मी के मौसम में किसी भी ग्रामीण को पानी के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी लगाए जाएंगे।
ग्रामीणों ने प्रशासन और विभाग का आभार जताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते पानी की व्यवस्था होने से बड़ी राहत मिली है। गर्मी बढ़ने के साथ पानी की चिंता भी बढ़ रही थी, लेकिन अब हालात बेहतर हो गए हैं।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर पेयजल पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। डूबान और दूरस्थ इलाकों में भी तेजी से जल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।



