मिर्जापुर में मौत का तांडव, ब्रेक फेल होने से आग का गोला बनी बोलेरो, 9 लोग जिंदा जले

मिर्जापुर। जिले के ड्रमंडगंज घाटी स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-135 पर बुधवार की काली रात एक भीषण हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। चने से लदे एक अनियंत्रित ट्रक के ब्रेक फेल होने के कारण उसने आगे चल रही बोलेरो, एक कार और अन्य ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि बोलेरो गाड़ी मौके पर ही आग के गोले में तब्दील हो गई और उसमें सवार किसी भी व्यक्ति को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। इस हृदयविदारक घटना में बोलेरो सवार 9 लोगों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि मलबे में दबने से कार चालक और ट्रक खलासी ने भी दम तोड़ दिया।
चीख-पुकार के बीच धू-धू कर जली गाड़ियां
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घाटी से नीचे उतरते समय बेकाबू ट्रक ने पीछे से वाहनों को ऐसी टक्कर मारी कि एक कार दो ट्रकों के बीच दबकर पूरी तरह चकनाचूर हो गई। बोलेरो में लगी भीषण आग के कारण बचाव कार्य में जुटी पुलिस और दमकल विभाग की टीमें लाचार नजर आईं। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि टक्कर की तीव्रता और आग की वजह से मौके पर ही भारी जनहानि हुई। स्थानीय लोगों की मदद से प्रशासन ने घंटों की मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
एक ही गांव के 7 चिराग बुझे
इस दुर्घटना ने मिर्जापुर के जिगना थाना क्षेत्र के नरैना गांव में मातम फैला दिया है क्योंकि मरने वालों में 7 लोग इसी गांव के निवासी थे। मृतकों में 8 साल के मासूम बच्चे से लेकर 47 साल तक की महिलाएं और पुरुष शामिल हैं। शिनाख्त के अनुसार शिवा, सोनम, पीयूष, पंकज, वंदना, विष्णु और वीना सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे। इनके अलावा सतना, सागर और सोनभद्र के भी चार अन्य लोगों ने इस हादसे में अपनी जान गंवाई है।
मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस भीषण सड़क हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। शासन की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजन को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। जिला मजिस्ट्रेट पवन गंगवार ने पुष्टि की है कि सभी प्रभावित परिवारों को सूचना दे दी गई है और राहत कार्य पूरा कर लिया गया है।
जांच के घेरे में दूसरे राज्यों के ट्रक
प्रशासन ने अब इस पूरी घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं ताकि दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। शुरुआती जांच में बिहार और मध्य प्रदेश के नंबर वाले ट्रकों की संलिप्तता सामने आई है। फिलहाल पुलिस बल ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर राजमार्ग पर यातायात बहाल कर दिया है। घाटी में बार-बार हो रहे इन हादसों ने एक बार फिर भारी वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।



