इंदौर में फिर ‘हनीट्रैप’ का बड़ा धमाका: श्वेता विजय जैन गैंग ने शराब कारोबारी को फंसाया, 1 करोड़ मांगे, पुलिस का ‘मिशन सीक्रेट’ कामयाब

इंदौर। मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर शहर से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज खबर आ रही है। साल 2019 के बहुचर्चित हनीट्रैप कांड की मुख्य आरोपी श्वेता विजय जैन ने जेल से बाहर आते ही फिर से अपना खौफनाक जाल बुनना शुरू कर दिया है। इस बार इस गैंग ने शहर के बड़े शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह चौहान को अपने जाल में फंसाया है। कारोबारी के अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर यह गैंग 1 करोड़ रुपये की मोटी रकम मांग रहा था।
क्राइम ब्रांच ने मुस्तैदी दिखाते हुए देर रात एक बड़ा ऑपरेशन चलाया। पुलिस ने मास्टरमाइंड श्वेता विजय जैन, महिला शराब तस्कर अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप, प्रॉपर्टी कारोबारी लाखन चौधरी और एक हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को दबोच लिया है।
पहले दिया पार्टनरशिप का लालच, मना करने पर शुरू किया गंदा खेल
डीसीपी (क्राइम) राजेश त्रिपाठी ने बताया कि बाणगंगा के रहने वाले 45 वर्षीय हितेंद्र सिंह चौहान ने इस मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। हितेंद्र के मुताबिक, द्वारकापुरी की रहने वाली अलका दीक्षित से उनकी पुरानी जान-पहचान थी। अलका खुद अवैध शराब की तस्करी में शामिल रही है। अलका ने हितेंद्र की मुलाकात खंडवा के एक बड़े जमीन कारोबारी लाखन चौधरी से कराई। लाखन ने हितेंद्र को देवास और धार इलाके में प्रॉपर्टी बिजनेस में 50 फीसदी की पार्टनरशिप का ऑफर दिया।
जब हितेंद्र ने इस घाटे के सौदे को ठुकरा दिया, तो इस गैंग ने अपना असली रंग दिखाया। लाखन और अलका ने धमकी दी कि अगर उनकी बात नहीं मानी, तो वे हितेंद्र के कुछ निजी और अश्लील वीडियो समाज में वायरल कर देंगे।
बीच सड़क पर मारपीट और 1 करोड़ की फिरौती
हद तो तब हो गई जब करीब 20 दिन पहले हितेंद्र सुपर कॉरिडोर से गुजर रहे थे। वहां अलका, उसका बेटा जयदीप और लाखन अचानक पहुंचे। तीनों ने मिलकर शराब कारोबारी की बीच सड़क पर पिटाई कर दी। जेब से पिस्तौल तानकर जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों ने कहा कि अगर समाज में मुंह दिखाने लायक रहना है, तो चुपचाप 1 करोड़ रुपये का इंतजाम करो।
रात 2 बजे बना ‘मास्टर प्लान’, 40 जवानों ने मारा छापा
पीड़ित कारोबारी ने हिम्मत दिखाई और सीधे पुलिस कमिश्नर के दफ्तर पहुंच गए। मामला हाईप्रोफाइल था, इसलिए पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। 17 मई की रात को ही एडिशनल कमिश्नर और तीन डीसीपी ने एक गुप्त बैठक की। इस पूरे ऑपरेशन को ‘मिशन सीक्रेट’ नाम दिया गया। 40 जांबाज जवानों की 7 अलग-अलग टीमें बनाई गईं।
रात ठीक 3 बजे पुलिस की टीमों ने द्वारिकापुरी और पीथमपुर के ठिकानों पर एक साथ धावा बोल दिया। तड़के 3.30 बजे अलका का बेटा जयदीप पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इसके बाद कड़ियां जुड़ती गईं और इस पूरे रैकेट की सरगना श्वेता विजय जैन समेत पुलिस महकमे के हेड कॉन्स्टेबल को भी दबोच लिया गया। पुलिस अभी इस मामले में कुछ और बड़े नामों के खुलासे की तैयारी में है।



