किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस, मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन में नंबर-1 बनाने का लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

ग्वालियर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों की आय केवल एक फसल पर निर्भर नहीं रह सकती। बहुफसली खेती, प्राकृतिक एवं जैविक कृषि के साथ उन्नत पशुपालन को बढ़ावा देकर ही किसानों की आय में स्थायी वृद्धि संभव है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वर्तमान में देश में दुग्ध उत्पादन के मामले में तीसरे स्थान पर है और सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में राज्य को इस क्षेत्र में देश का नंबर-1 बनाना है।
डॉ. यादव सोमवार को ग्वालियर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर आयोजित उन्नत कृषि विषयक संभागीय कार्यशाला में किसानों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती के अनुभव भी साझा कराए और विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत से ग्वालियर के खुरैरी और जहांगीरपुर में बनने वाली अत्याधुनिक हाईटेक नर्सरी एवं फ्लोरीकल्चर गार्डन का वर्चुअल भूमिपूजन भी किया।

सिंचाई रकबा 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2003 में प्रदेश का सिंचाई रकबा केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर लगभग 50 लाख हेक्टेयर हो गया है। सरकार का लक्ष्य इसे 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाना है। उन्होंने चंबल-पार्वती-कालीसिंध और केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।
किसानों को ऋण चुकाने के लिए अब मिलेगा पूरा वर्ष
डॉ. यादव ने कहा कि अब किसानों को 31 मार्च तक कृषि ऋण जमा करने की बाध्यता नहीं रहेगी। सरकार ने उन्हें ऋण चुकाने के लिए पूरे वर्ष का समय देने का निर्णय लिया है, जिससे किसानों को राहत मिलेगी।

गौ संरक्षण और गौशालाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गौ संरक्षण और स्वदेशी नस्ल की गायों के संवर्धन के लिए विशेष प्रयास कर रही है। नगरीय क्षेत्रों में खिड़क (पशु बंदी) प्रणाली को समाप्त कर बड़े पैमाने पर गौशालाएं स्थापित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि ग्वालियर की लाल टिपारा गौशाला की तर्ज पर इंदौर, भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में भी बड़ी गौशालाएं विकसित की जा रही हैं।
किसानों ने साझा किए प्राकृतिक खेती के अनुभव
कार्यशाला में प्रगतिशील किसानों ने प्राकृतिक खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। बिलौआ के किसान प्राण सिंह माथुर ने बताया कि उन्होंने प्राकृतिक खेती के माध्यम से अमरूद की “बिलौआ-22” और “बिलौआ-रेड” किस्म विकसित की है, जिन्हें पेटेंट भी मिला है। उन्होंने अब तक 50 हजार से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया है।
वहीं देवरा के किसान बृजेन्द्र रावत और भगवानपुरा के किसान देवराज कुशवाह ने भी प्राकृतिक खेती अपनाकर लागत कम करने और आय बढ़ाने के अपने अनुभव साझा किए।

आधुनिक कृषि मॉडल का लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में समन्वित कृषि प्रणाली इकाई और बहु-स्तरीय कृषि पद्धति इकाई का लोकार्पण किया। इन मॉडलों में फसल उत्पादन, डेयरी, बकरी पालन, कुक्कुट पालन, मत्स्य पालन, मशरूम उत्पादन और जैविक खाद निर्माण जैसी गतिविधियों को एकीकृत किया गया है, जिससे किसानों को एक ही परिसर से आय के कई स्रोत उपलब्ध होंगे।
हेलमेट वितरित कर सड़क सुरक्षा का दिया संदेश
मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा अभियान के तहत करीब 50 लोगों को हेलमेट वितरित किए और सभी से हेलमेट पहनकर वाहन चलाने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।
“एक पेड़ मां के नाम” अभियान में लगाया पौधा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि विश्वविद्यालय परिसर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत आम का पौधा रोपा और अधिक से अधिक पौधारोपण तथा उनके संरक्षण का आह्वान किया। इस अवसर पर मंत्रिगण ऐदल सिंह कंषाना व प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह व विधायक मोहन सिंह राठौर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी पौधे रोपे।
कार्यक्रम में संभाग भर से आए प्रगतिशील किसान, जनप्रतिनिधिगण एवं संभाग आयुक्त मनोज खत्री, पुलिस महानिरीक्षक अरविंद कुमार सक्सेना, कलेक्टर रुचिका चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।



