सुशासन तिहार 2026: सरकार गांव-गांव पहुंचकर सुन रही लोगों की समस्याएं – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

बलौदाबाजार। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य सरकार को गांव-गांव तक पहुंचाकर आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री आज बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर को संबोधित कर रहे थे।

भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों का आभार जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह जानने के लिए सीधे गांवों तक पहुंच रही है कि लोगों को पानी, बिजली, सड़क और दूसरी बुनियादी सुविधाएं समय पर मिल रही हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि रायपुर में बैठकर ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को पूरी तरह समझना संभव नहीं है, इसलिए पूरी सरकार गांवों में पहुंचकर लोगों से सीधा संवाद कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक कई स्थानों पर समाधान शिविर आयोजित किए जा चुके हैं और आने वाले दिनों में भी शिविर जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को प्राथमिकता के साथ पूरा किया है। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की गई है और दो साल का बकाया बोनस भी दिया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महतारी वंदन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की करीब 70 लाख महिलाओं के खातों में अब तक 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस योजना से महिलाएं बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जरूरतों और छोटे व्यवसायों में आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं।
उन्होंने “लखपति दीदी” अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाएं स्वरोजगार के जरिए अपनी आय बढ़ा रही हैं और आगे करोड़पति दीदी बनने की दिशा में बढ़ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का लगातार विस्तार कर रही है। प्रदेश की 6000 से ज्यादा पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए गए हैं। यहां लोगों को प्रमाण पत्र, राजस्व रिकॉर्ड, बैंकिंग और अन्य जरूरी सेवाएं गांव में ही मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि अब रजिस्ट्री के साथ तत्काल नामांतरण की सुविधा भी दी जा रही है, जिससे लोगों को राहत मिलेगी।



