हाइवे पर मुसीबत में ‘संजीवनी’ बन रहा 1033, एक कॉल से मिनटों में मिल रही मदद

रायपुर। कल्पना कीजिए कि आप लंबी यात्रा पर हैं। सड़क खाली है, मौसम सुहाना है और सफर शानदार चल रहा है। लेकिन अचानक हाइवे पर कोई हादसा हो जाए, गाड़ी खराब हो जाए या मदद की जरूरत पड़ जाए, तब सबसे बड़ी उम्मीद बनकर सामने आता है एक नंबर — 1033। राष्ट्रीय राजमार्गों पर यह हेल्पलाइन अब लाखों यात्रियों के लिए राहत और सुरक्षा का बड़ा सहारा बन चुकी है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI द्वारा संचालित 1033 हेल्पलाइन सड़क हादसों और आपात स्थितियों में तुरंत सहायता उपलब्ध कराती है। एक्सीडेंट के बाद का पहला घंटा “गोल्डन ऑवर” माना जाता है। इसी दौरान सही इलाज मिलने पर घायल की जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। 1033 सेवा इसी गोल्डन ऑवर में तेजी से मदद पहुंचाने का काम कर रही है।

जैसे ही कोई यात्री 1033 पर कॉल करता है, कॉल सेंटर जीपीएस के जरिए लोकेशन ट्रेस कर तुरंत एम्बुलेंस, पेट्रोलिंग टीम या क्रेन मौके पर भेजता है। घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाने के साथ ट्रैफिक व्यवस्था भी संभाली जाती है।
रायपुर-बिलासपुर हाइवे पर हादसे का शिकार हुए नितिन वर्मा बताते हैं कि एक्सीडेंट के बाद उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि मदद कहां से मिलेगी। उन्होंने 1033 पर कॉल किया और कुछ ही मिनटों में एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गई। उनके मुताबिक यह नंबर उनके लिए संजीवनी साबित हुआ।
यह सेवा सिर्फ सड़क हादसों तक सीमित नहीं है। हाइवे पर गाड़ी खराब होने, टायर पंचर होने, पेड़ गिरने, मवेशियों के सड़क पर आने, टोल प्लाजा विवाद, फास्टैग समस्या या सुरक्षा संबंधी परेशानी होने पर भी 1033 से मदद ली जा सकती है।
ट्रक ड्राइवर गुरदीप सिंह ने बताया कि रात में रायपुर से बिलासपुर जाते समय उनके ट्रक का टायर फट गया था। सुनसान सड़क पर खड़े रहना खतरनाक था, लेकिन 1033 पर कॉल करने के बाद पेट्रोलिंग टीम पहुंची और सुरक्षा के साथ तकनीकी मदद भी उपलब्ध कराई।
वहीं बिलासपुर-नागपुर रूट पर सफर कर रहे एस.पी. चौबे ने बताया कि उनकी कार का पहिया जाम हो गया था। तभी रूट पेट्रोलिंग व्हीकल टीम मौके पर पहुंची और जरूरी औजारों की मदद से पहिया बदलवाकर उनकी यात्रा सुरक्षित कराई।
महासमुंद रूट पर ट्रेलर चालक शिवम यादव के ट्रेलर का ब्रेक जाम होने के बाद भी 1033 टीम ने तत्काल ट्रैफिक कंट्रोल कर बड़ा हादसा टाल दिया।
1033 सेवा की सबसे बड़ी खासियत इसकी सरलता और उपलब्धता है। यह हेल्पलाइन 24 घंटे सक्रिय रहती है और हिंदी, अंग्रेजी समेत कई भाषाओं में सहायता उपलब्ध कराती है। टोल-फ्री होने के कारण बिना बैलेंस के भी इस नंबर पर कॉल किया जा सकता है।
बढ़ती रफ्तार और आधुनिक हाइवे के दौर में 1033 अब यात्रियों के लिए सुरक्षा कवच बनता जा रहा है। लंबी यात्रा पर निकलने से पहले इस नंबर को मोबाइल में सेव करना कई बार जिंदगी बचाने वाला कदम साबित हो सकता है।



