छत्तीसगढ़ में ‘द्वीप्ति योजना’ को मंजूरी, अब महिलाएं संभालेंगी सोलर ऊर्जा की कमान
‘सोलर दीदी’ बनेंगी गांवों की ऊर्जा प्रबंधक, हरित विकास मॉडल की ओर बड़ा कदम

रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। राज्य शासन ने वर्ष 2026 से 2031 तक लागू होने वाली महत्वाकांक्षी ‘द्वीप्ति योजना’ को मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य गांवों में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं को ऊर्जा संपत्तियों की संचालक और प्रबंधक बनाना है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मार्गदर्शन में शुरू की जा रही इस योजना के तहत गांव स्तर पर “सोलर दीदी” यानी ऊर्जा सखी का विशेष कैडर तैयार किया जाएगा। चयनित महिलाओं को सौर ऊर्जा उपकरणों की स्थापना, संचालन और तकनीकी रखरखाव का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये महिलाएं गांवों में सोलर मिल, कोल्ड स्टोरेज, सिंचाई व्यवस्था और अन्य सौर परियोजनाओं का संचालन संभालेंगी।
सरकार का मानना है कि इससे दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में तकनीकी खराबी की समस्या कम होगी और ग्रामीण अधोसंरचना लगातार सक्रिय बनी रहेगी।
महिला ऊर्जा सहकारी समितियों का होगा गठन
योजना के तहत क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) को महिला नेतृत्व वाली ऊर्जा सहकारी समितियों के रूप में विकसित किया जाएगा। इन्हें Pradhan Mantri Surya Ghar Yojana के तहत अधिकृत विक्रेता और चैनल पार्टनर बनाया जाएगा। महासमुंद और बस्तर जिले के CLF पहले ही विक्रेता के रूप में पंजीकृत हो चुके हैं।
राज्य स्तर पर सौर उपकरणों की थोक खरीद की जाएगी, जबकि गांव स्तर पर “सोलर दीदी” बिक्री और सर्विसिंग का काम संभालेंगी।
‘पे-पर-यूज़’ मॉडल से मिलेगी सस्ती ऊर्जा
ग्रामीण उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए योजना में ‘पे-पर-यूज़’ और ‘पे-एज़-यू-गो’ मॉडल लागू किए गए हैं। यानी उपभोक्ता जितनी ऊर्जा इस्तेमाल करेंगे, उतना ही भुगतान करेंगे।
महिला ऊर्जा उद्यमों को मजबूत बनाने के लिए पंचायतों के रखरखाव अनुबंधों में 25 प्रतिशत कार्य इन समितियों के लिए आरक्षित रखने का फैसला भी लिया गया है।
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने कहा कि ‘द्वीप्ति योजना’ ग्रामीण महिलाओं को उपभोक्ता से ऊर्जा क्षेत्र की मालिक और प्रबंधक बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘हरित भारत’ और ‘नेट जीरो’ विजन को मजबूत करेगी।


