तमिलनाडु: मुख्यमंत्री विजय का बड़ा एक्शन, 717 शराब दुकानें होंगी बंद; महिलाओं के खाते में आएंगे पैसे

चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपनी सरकार की प्राथमिकताएं साफ कर दी हैं। पद संभालते ही उन्होंने महिलाओं, सरकारी कर्मचारियों और आम जनता के लिए बड़े फैसलों की झड़ी लगा दी है। विजय सरकार ने साफ किया है कि उनकी प्राथमिकता ‘आम आदमी’ है।
महिलाओं को मिलेगी 1,000 रुपये की किस्त
मुख्यमंत्री विजय ने घोषणा की है कि ‘कलैंग्नार मगलीर उरिमाई थोगई’ योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को मई महीने की 1,000 रुपये की किस्त जल्द ही मिल जाएगी। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जाएगी। हालांकि, विजय की पार्टी TVK ने चुनाव के दौरान महिलाओं को 2,500 रुपये मासिक सहायता देने का वादा किया था। सरकार का कहना है कि योजना को पुनर्गठित (Restructure) करने में थोड़ा समय लगेगा, इसलिए तब तक पुरानी व्यवस्था के तहत पैसे भेजे जा रहे हैं।
शराब दुकानों पर चला चाबुक, 717 दुकानें होंगी बंद
मुख्यमंत्री का सबसे कड़ा फैसला शराब की दुकानों को लेकर आया है। राज्य सरकार ने मंदिरों, स्कूलों और बस स्टैंडों के पास स्थित TASMAC की 717 शराब दुकानों को तुरंत बंद करने का आदेश दिया है। सर्वे में पाया गया कि ये दुकानें नियमों का उल्लंघन कर रही थीं।
- पूजा स्थलों के पास: 276 दुकानें
- स्कूल-कॉलेजों के पास: 186 दुकानें
- बस स्टैंडों के पास: 255 दुकानें इन सभी दुकानों को दो हफ्ते के भीतर ताला लगाने के निर्देश दिए गए हैं। यह फैसला इसलिए भी बड़ा है क्योंकि शराब से राज्य को भारी राजस्व मिलता है, लेकिन सीएम ने जनहित को ऊपर रखा है।
कर्मचारियों की चांदी, DA में 2% की बढ़ोतरी
सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए भी अच्छी खबर है। सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। अब DA 58 से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया है। यह फैसला 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा। इससे राज्य के खजाने पर करीब 1,230 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा, जिसे सरकार ने वहन करने की मंजूरी दे दी है।
बहुमत साबित करने के बाद बोले— ‘यह लोगों की सरकार’
विधानसभा में 144 वोटों के साथ फ्लोर टेस्ट पास करने के बाद मुख्यमंत्री विजय ने सदन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों पर चलेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार में हर वर्ग के कल्याण का ध्यान रखा जाएगा।



