बलौदा बाजार हनी ट्रैप मामला: मुख्य आरोपी संकेत शुक्ला ने कोर्ट में किया सरेंडर, पुलिस ने पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया

बलौदा बाजार। जिले के बहुचर्चित हनी ट्रैप, ब्लैकमेलिंग और सेक्सटॉर्शन मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले के प्रमुख आरोपी और लंबे समय से फरार चल रहे भाजपा नेता संकेत शुक्ला ने बुधवार 15 अप्रैल को आखिरकार अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट से झटका लगने के बाद उठाया कदम
मिली जानकारी के अनुसार, संकेत शुक्ला ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद आरोपी पर कानूनी दबाव लगातार बढ़ रहा था। कोई अन्य विकल्प न बचते हुए संकेत शुक्ला ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायालय बलौदा बाजार में सरेंडर किया। सरेंडर के तुरंत बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया और कोर्ट से रिमांड हासिल कर पूछताछ शुरू कर दी है।
गहन पूछताछ में जुट गई पुलिस
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, संकेत शुक्ला से इस पूरे हनी ट्रैप नेटवर्क के संचालन और इसमें शामिल अन्य संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस मुख्य रूप से पैसों के लेन-देन और गिरोह के काम करने के तरीके को लेकर सवाल कर रही है। माना जा रहा है कि इस गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क से जुड़े कई और रसूखदार चेहरों के नाम सामने आ सकते हैं।
क्या है पूरा प्रकरण?
यह मामला वर्ष 2024 में तब सुर्खियों में आया जब जिले में रसूखदारों को जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ। जांच में पता चला कि कुछ महिलाएं प्रभावशाली लोगों को प्रेम जाल में फंसाकर उनके आपत्तिजनक वीडियो और फोटो तैयार करती थीं। इसके बाद इन दस्तावेजों को वायरल करने की धमकी देकर उनसे लाखों रुपये की वसूली की जाती थी।
जांच में आए थे कई चौंकाने वाले नाम
इस मामले में पुलिस अब तक चार से अधिक एफआईआर दर्ज कर चुकी है। जांच के दौरान पुलिस विभाग के कुछ कर्मियों, कारोबारियों, वकीलों और पत्रकारों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई थी। रैकेट में शामिल करीब आधा दर्जन महिलाओं को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जो वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं। पुलिस के अनुसार, संकेत शुक्ला इस गिरोह की एक अहम कड़ी है और उसकी गिरफ्तारी से मामले की कड़ियां जोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी।



