CGPSC Scam Update: दुर्ग में CBI की बड़ी दबिश, पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव के भिलाई घर पर दूसरी बार छापेमारी

दुर्ग। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में जांच तेज हो गई है। मामले के आरोपी और आयोग के पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव के भिलाई स्थित निवास पर सोमवार सुबह सीबीआई ने एक बार फिर दबिश दी। यह दूसरा मौका है जब जांच एजेंसी उनकी संपत्ति पर पहुंची है।
जानकारी के अनुसार, सीबीआई की दो टीमों ने भिलाई सेक्टर-10 स्थित आवास पर सुबह-सुबह छापा मारा। टीम ने घर की तलाशी ली और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। साथ ही कई अहम दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है।
2020-22 भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं का मामला
यह पूरा मामला वर्ष 2020 से 2022 के बीच हुई CGPSC भर्तियों से जुड़ा है। आरोप है कि इस दौरान चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं की गईं। प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों और परिचितों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों में बदलाव और चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप सामने आए।
इस घोटाले में डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर चयनित उम्मीदवारों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। मामले ने राज्य की भर्ती प्रणाली और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
29 आरोपी, कई अधिकारी जांच के घेरे में
इस केस में अब तक 29 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें पूर्व CGPSC अध्यक्ष Taman Singh Sonwani, पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव और परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक प्रमुख नाम हैं। सभी आरोपी फिलहाल रायपुर सेंट्रल जेल में बंद बताए जा रहे हैं।
सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया है कि भर्ती प्रक्रिया में नियमों में हेरफेर कर कुछ उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाया गया। आरोप है कि रिश्तेदारी की परिभाषा बदलकर चयन को प्रभावित किया गया। इसके अलावा पेपर लीक और साक्षात्कार में पक्षपात के भी गंभीर आरोप लगे हैं।
कई गिरफ्तारियां और आगे की जांच जारी
इस मामले में सीबीआई ने बजरंग पावर इस्पात कंपनी के निदेशक श्रवण कुमार गोयल, उनके बेटे शशांक गोयल, बहू भूमिका कटियार, उप नियंत्रक ललित गणवीर समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से कुछ आरोपी जमानत पर रिहा हो चुके हैं।
फिलहाल सीबीआई की टीम दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि आने वाले दिनों में जांच और तेज की जाएगी।


