बालोद में खाद्य सुरक्षा पर बड़ी कार्रवाई, कलेक्टर ने दूध गंगा को सील करने और बंद करने के दिए निर्देश

बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने दूध गंगा केंद्र में अनियमितताओं और साफ-सफाई की कमी की शिकायतों के बाद औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल पर अत्यधिक गंदगी पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए एसडीएम को तत्काल संस्थान को बंद करने के निर्देश दिए।
बताया गया है कि दूध गंगा का संचालन केंद्र सहकारी समिति के माध्यम से किया जाता है। पिछले कुछ समय से इस केंद्र को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जांच के दौरान मिठाईयों में चींटियां और निर्माण प्रक्रिया में भारी लापरवाही उजागर हुई, जिसे देखते हुए कलेक्टर ने संस्थान को सील करने का आदेश दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को दूध गंगा में तैयार किए जा रहे सभी खाद्य उत्पादों के सैंपल लेने और उन्हें जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं। सैंपल रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित संचालकों और प्रबंधन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, जिला प्रशासन ने यह भी माना है कि खाद्य विभाग की नियमित निगरानी में कमी के कारण ऐसे हालात पैदा हुए हैं।
इस कड़ी कार्रवाई के बाद अब विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और संचालकों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। कलेक्टर की इस पहल से जिले के अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में भी हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने आगाह किया है कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और समय-समय पर ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।


