ट्रंप की ईरान को चेतावनी- समय सीमा समाप्त होने पर नहीं हुई डील तो खत्म हो जाएगी पूरी सभ्यता

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को धमकी दी है। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने से पहले समझौता नहीं हुआ तो ईरान की पूरी सभ्यता आज रात खत्म हो जाएगी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा। मैं ऐसा नहीं चाहता, लेकिन शायद ऐसा हो जाए।’
उन्होंने आगे कहा कि ईरान में अब पूरा सत्ता परिवर्तन हो चुका है, जहां समझदार और कम कट्टरपंथी मानसिकता वाले लोग हावी हैं। ट्रंप ने कहा, ‘कौन जानता है? शायद कुछ क्रांतिकारी और अच्छा भी हो सकता है। यह दुनिया के इतिहास का बहुत अहम पल हो सकता है। 47 साल से चल रहे भ्रष्टाचार, दबाव और हिंसा का अंत हो सकता है। ईरान के लोगों को शुभकामनाएं।’
ट्रंप ने ईरान को समझौते के लिए मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे) तक की समय सीमा दी है। इससे पहले ही अमेरिका और इजराइल ने हमले तेज कर दिए हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि जल्द ही ईरान युद्ध का अंत होने वाला है। वेंस के अनुसार, युद्ध के सैन्य उद्देश्य पूरे हो चुके हैं और अब युद्ध का अंत कैसे होगा, यह ईरानी लोगों पर निर्भर करेगा। अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमताओं और प्रमुख समुद्री मार्गों को खतरा पहुंचाने की उसकी क्षमता को कमजोर कर दिया है।
ट्रंप और वेंस के बयान ईरान पर हुए ताबड़तोड़ हमलों के कुछ घंटे बाद आए हैं। अमेरिका और इजराइल ने ईरान के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया है। वॉल स्ट्रीट जनरल के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के खार्ग आइलैंड पर 50 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। खार्ग आइलैंड ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र है, जिसके कारण इस पर हमला काफी अहम माना जा रहा है।
अमेरिका का कहना है कि ईरान की वायु रक्षा, मिसाइल ताकत और फारस की खाड़ी में उसकी नौसैनिक क्षमता काफी हद तक कमजोर हो गई है। होर्मुज स्ट्रेट पर दबाव बनाने की रणनीति भी सफल मानी जा रही है। इससे अब लंबे युद्ध के बजाय बातचीत के माध्यम से समाधान का रास्ता खुल सकता है। हालाँकि, इसके विपरीत ईरान ने एक दिन पहले ही अमेरिका के संघर्ष विराम प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। ईरान का कहना है कि जब तक हमले बंद नहीं होंगे, तब तक कोई वार्ता नहीं होगी।



