जंगल का खौफनाक नियम: टेरिटरी की लड़ाई में बाघ ने 4 महीने के शावक को मार डाला, पर्यटकों में मची खलबली
नर्मदापुरम। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मढ़ई परिक्षेत्र में वन्यजीवन का दुर्लभ और रोमांचक दृश्य सामने आया, जहां दो नर बाघों के बीच टेरिटरी को लेकर हिंसक संघर्ष हो गया। इस लड़ाई में रिजर्व का प्रसिद्ध बाघ ‘शंकरा’ घायल हो गया है।
जानकारी के अनुसार, इवनिंग सफारी के दौरान मुंबई से आए पर्यटक शिवम और अन्य लोग जिप्सी से मढ़ई के जंगल में भ्रमण कर रहे थे। इसी दौरान एक तालाब के पास दो नर बाघ दिखाई दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक बाघ पानी से बाहर निकल रहा था, जबकि दूसरा किनारे पर घूम रहा था। कुछ देर तक दोनों साथ चलते रहे, लेकिन अचानक उनके बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई।
इस संघर्ष में ‘शंकरा’ बाघ के दाहिने पैर में चोट आई है। पर्यटकों ने पूरी घटना का वीडियो भी बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने मढ़ई गेट क्षेत्र में सर्चिंग अभियान चलाया। टीम को घायल शंकरा दिखाई दिया, जबकि दूसरे नर बाघ की तलाश जारी है।
वहीं, मटकुली रेंज की नयाखेड़ा बीट से भी बाघ और बाघिन के बीच संघर्ष की खबर सामने आई है। इस दौरान बाघ ने बाघिन के चार माह के शावक को मार डाला। वन विभाग ने रविवार दोपहर शावक के शव का पंचनामा कर अंतिम संस्कार कर दिया।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वन्यजीवों में अपने क्षेत्र पर अधिकार बनाए रखने के लिए इस प्रकार के संघर्ष स्वाभाविक हैं। घायल बाघ की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। फिलहाल मढ़ई क्षेत्र में इस घटना को लेकर पर्यटकों में उत्साह है, वहीं वन अमला सतर्कता बरत रहा है।



