ईरान और इजरायल के बीच आर-पार की जंग: 200 से अधिक ठिकानों पर इजरायली हमला, ईरान ने दागीं मिसाइलें और ड्रोन

नई दिल्ली। ईरान ने युद्ध के 49वें चरण में ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4 के तहत संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों में मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच खाड़ी देशों की वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय हो गई हैं और कई जगह इंटरसेप्शन की खबरें सामने आई हैं।
इससे पहले भी ईरान इजरायली ठिकानों और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई कर चुका है। ईरान का कहना है कि ये हमले अमेरिका और इजरायल की लगातार सैन्य कार्रवाई के जवाब में किए जा रहे हैं। युद्ध अब तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा गया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने खार्ग द्वीप पर बड़े पैमाने पर हमले की पुष्टि की है। अमेरिकी कार्रवाई में वहां 90 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में सैन्य प्रतिष्ठानों को क्षति पहुंची, जबकि तेल ढांचे को जानबूझकर नहीं निशाना बनाया गया। खार्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
इजरायली सेना ने भी दावा किया है कि तेहरान पर हवाई हमले में खातम अल-अनबिया इमरजेंसी कमांड से जुड़े दो वरिष्ठ अधिकारी अब्दोल्लाह जलाली-नासब और अमीर शरियत मारे गए। साथ ही, इजरायल ने पिछले 24 घंटों में ईरान के पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में 200 से अधिक ठिकानों पर हमले करने का दावा किया है।
उधर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में भी वायु सुरक्षा प्रणाली को अलर्ट पर रखा गया है। क्षेत्रीय रिपोर्टों में ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोकने की कार्रवाई का जिक्र है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव का असर तेल आपूर्ति और वैश्विक बाजार पर भी पड़ रहा है।
पुलिस या स्थानीय प्रशासन की तरह यहां भी आधिकारिक जांच और सैन्य आकलन जारी है। मौजूदा हालात में यह साफ है कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच संघर्ष अब खाड़ी क्षेत्र के कई देशों को सीधे प्रभावित कर रहा है।



