बस्तर में कुदरत का डबल अटैक: झमाझम बारिश से 12 डिग्री गिरा पारा, सुहाने मौसम के बीच बर्बादी की कगार पर किसान

बस्तर संभाग में पिछले तीन दिनों से जारी बेमौसम बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। संभाग के जगदलपुर समेत आसपास के इलाकों में हर शाम हो रही तेज बारिश के चलते तपती गर्मी से राहत जरूर मिली है लेकिन इसने खेती-किसानी की कमर तोड़ दी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बस्तर में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से सीधा लुढ़क कर 20 डिग्री पर पहुंच गया है जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई है। राहत की इस फुहार के बीच मक्के और टमाटर की फसलों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं क्योंकि लगातार पानी गिरने से फसलें खेतों में ही खराब होने की कगार पर हैं। यही नहीं संग्रहण केंद्रों में खुले में रखा करोड़ों का धान भी भीगने के कारण अब सड़ने की आशंका बढ़ गई है जिससे किसानों को भारी आर्थिक चोट पहुंचने का डर सता रहा है।
अगले तीन घंटे भारी: छह जिलों में बारिश का अलर्ट और लू की चेतावनी, बिलासपुर 43 डिग्री के साथ प्रदेश में सबसे गर्म
मौसम विज्ञान केंद्र ने बस्तर, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों के लिए अगले 3 घंटों का अलर्ट जारी करते हुए भारी बारिश की संभावना जताई है। एक ओर जहां बस्तर बारिश से भीग रहा है वहीं दूसरी ओर प्रदेश के मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश बरकरार है।
मंगलवार को बिलासपुर 43 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया जबकि राजनांदगांव और रायपुर में भी पारा 41 डिग्री के पार बना हुआ है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों में मध्य छत्तीसगढ़ के तापमान में मामूली गिरावट आएगी, लेकिन इसके तुरंत बाद अगले 4 दिनों तक भीषण ग्रीष्म लहर यानी लू चलने की पूरी आशंका है। मौसम के इस बदलते मिजाज ने एक तरफ बस्तर में ठंडक दी है तो दूसरी तरफ बाकी प्रदेश में झुलसाने वाली गर्मी के लिए तैयार रहने का संकेत दे दिया है।




