“मैं इस्तीफा नहीं दूंगी…” ममता के बयान से बढ़ा राजनीतिक तापमान, अब आगे क्या होगा?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को मिली बड़ी हार के बाद राज्य की राजनीति में नया भूचाल आ गया है। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ शब्दों में कहा कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। इसके बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अगर कोई मुख्यमंत्री हार के बावजूद इस्तीफा देने से इनकार कर दे, तो आखिर संविधान क्या कहता है और आगे सरकार कैसे बनेगी?
हार के बाद भी अड़ीं ममता...
चुनावी नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई बीजेपी से नहीं बल्कि चुनाव आयोग से थी। ममता ने दावा किया कि “100 सीटों की चोरी हुई है” और उन्होंने खुद को चुनाव में “हारा हुआ” मानने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने काउंटिंग सेंटर पर अपने समर्थकों के साथ मारपीट होने का आरोप भी लगाया।
क्या इस्तीफा देना जरूरी होता है?
संवैधानिक परंपरा के अनुसार यदि किसी मुख्यमंत्री की पार्टी विधानसभा में बहुमत खो देती है, तो उसे पद छोड़ना पड़ता है। हालांकि यदि मुख्यमंत्री इस्तीफा नहीं देते, तो राज्यपाल के पास विशेष अधिकार मौजूद होते हैं।
राज्यपाल मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांग सकते हैं। अगर मुख्यमंत्री इनकार करते हैं, तो राज्यपाल विधानसभा भंग करने या मुख्यमंत्री को पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। गंभीर संवैधानिक संकट की स्थिति में अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन की सिफारिश भी की जा सकती है।
नई सरकार कैसे बनेगी?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत राज्यपाल को नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति का अधिकार प्राप्त है। यदि मौजूदा सरकार बहुमत खो चुकी हो, तो राज्यपाल बहुमत प्राप्त दल या गठबंधन के विधायक दल के नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं।
यानि स्पष्ट जनादेश आने के बाद कोई भी मुख्यमंत्री सिर्फ बयान देकर सत्ता में नहीं बना रह सकता। अंततः बहुमत वाली पार्टी का नेता ही राज्य का नया मुख्यमंत्री बनेगा।
7 मई के बाद अपने आप खत्म हो जाएगा कार्यकाल
पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है। ऐसे में संवैधानिक रूप से नई सरकार का गठन अनिवार्य हो जाएगा। यदि तब तक इस्तीफा नहीं भी दिया जाता, तो मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के साथ ही सरकार प्रभावहीन हो जाएगी।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल...
ममता बनर्जी के इस बयान ने बंगाल की राजनीति को और गर्मा दिया है। एक तरफ TMC चुनाव परिणामों पर सवाल उठा रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे जनादेश का अपमान बता रहा है। अब सबकी नजर राज्यपाल के अगले कदम और नई सरकार के गठन पर टिकी हुई है।



