इंदौर: बीजेपी नेता सुरेश पिंगले पर 3.50 करोड़ की जालसाजी का मामला, क्राइम ब्रांच ने दर्ज की एफआईआर

इंदौर, 21 दिसंबर 2025। इंदौर के बीजेपी नेता एवं गो सेवा भारती संस्था के अध्यक्ष सुरेश पिंगले के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने 3.50 करोड़ रुपये की जालसाजी के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। कोर्ट के आदेश पर की गई जांच में यह कार्रवाई हुई। मामला भोपाल-रायसेन रोड की एक लॉजिस्टिक कंपनी के गुम चेक के जरिए फर्जीवाड़े से जुड़ा है। इस प्रकरण में नरेश नरवानी और शरद दुबे की भूमिका की भी जांच चल रही है।
क्राइम ब्रांच ने कनाड़िया थाना क्षेत्र के निवासी रमन अरोरा की शिकायत पर सुरेश पिंगले, पुत्र विठ्ठलराव पिंगले, निवासी मिश्र नगर अन्नपूर्णा रोड के खिलाफ कार्रवाई की। आरोप है कि उन्होंने बैंक से फर्जी तरीके से 3.50 करोड़ रुपये निकालने का प्रयास किया।
शिकायतकर्ता रमन अरोरा की भोपाल-रायसेन रोड पर स्थित सर्च स्मार्ट लॉजिस्टिक कंपनी है, जिसमें उनकी पत्नी संगीता अरोरा निदेशक हैं। बेटी की शादी के बाद उनके ससुर को भी कंपनी का निदेशक बनाया गया था। कंपनी के खाते से भोपाल स्थित एचडीएफसी बैंक में 50 चेक जारी किए गए थे, जिनमें से 38 का उपयोग हो चुका था। जून 2022 में कंपनी का बैंक खाता बंद कर दिया गया। इसके बाद 6 जून के आसपास एक कर्मचारी को बैंक रिकॉर्ड जांच के दौरान एक चेक के गायब होने की जानकारी मिली, जिसकी सूचना कनाड़िया थाने में दी गई।
कुछ दिनों बाद रमन अरोरा को कोर्ट से नोटिस मिला, जिसमें 3.50 करोड़ रुपये के भुगतान न होने पर चेक अनादर का उल्लेख था। जांच में पता चला कि यह गुम चेक सुरेश पिंगले ने दो अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से प्रस्तुत किया था। कोर्ट रिकॉर्ड से सामने आया कि ग्राम पिपल्याहाना की एक बेशकीमती जमीन को लेकर संगीता अरोरा के नाम से एक एग्रीमेंट तैयार किया गया था। इसमें सुरेश पिंगले के साथ नरेश नरवानी और शरद दुबे के नाम दर्ज थे। एग्रीमेंट में जमीन के सौदे के लिए 3.50 करोड़ रुपये दर्शाए गए थे।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि एग्रीमेंट और चेक पर हस्ताक्षर फर्जी हैं। इसकी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की गई और कोर्ट में याचिका दायर की गई। इसके बाद दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच भी कराई गई।



