पीएम मोदी के बयान पर भूपेश बघेल का पलटवार, बोले- गंभीर मुद्दों से ध्यान भटका रही भाजपा

रायपुर। कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कांग्रेस पर दिए गए बयान के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा खुद नेताओं को ताश के पत्तों की तरह बदलती है और फिर दूसरों को उपदेश देती है।
रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस की चिंता करने के बजाय केंद्र सरकार को महंगाई, पेट्रोल-डीजल की कीमतों, किसानों की समस्याओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए विवादों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि खेती का सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर अभी भी चिंता बनी हुई है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने NEET और CBSE परीक्षा से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों को स्वीकार किया जा चुका है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। उनके मुताबिक, देश के लाखों छात्र और अभिभावक जवाब का इंतजार कर रहे हैं।
कर्मचारियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने पर भी उठाए सवाल
कर्मचारी-अधिकारी संगठनों की ओर से आंदोलन की चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि हर व्यक्ति का अपना सम्मान होता है। यदि किसी कर्मचारी से गलती होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन सार्वजनिक मंचों से अपमानित करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि केवल सोशल मीडिया या रील बनाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को डांटना सही परंपरा नहीं है। प्रशासनिक व्यवस्था में अनुशासन के साथ सम्मान भी जरूरी है।
भाजपा मुझे प्रतिद्वंद्वी मानती है: भूपेश
भाजपा पर तंज कसते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि पार्टी के नेताओं को दिन-रात उन्हीं की चिंता रहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार उन्हें निशाने पर लेती है, जिससे यह साफ है कि वह उन्हें अपना प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी मानती है।
झारखंड राज्यसभा चुनाव में मिली बड़ी जिम्मेदारी
इस बीच कांग्रेस नेतृत्व ने झारखंड में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए भूपेश बघेल को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उनके साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेता Ajay Sharma को भी जिम्मेदारी दी गई है।
भूपेश बघेल ने कहा कि पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है। वह इस जिम्मेदारी के तहत पहले दिल्ली और फिर रांची जाएंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर पार्टी की रणनीति पर समन्वय का काम किया जाएगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी और तेज हो सकती है, खासकर तब जब कई राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है।



