डिजिटल छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लॉन्च किया ‘सेवा सेतु’ पोर्टल, अब व्हाट्सएप पर मिलेंगे जाति-निवास प्रमाण पत्र

छत्तीसगढ़ में सुशासन और डिजिटल क्रांति को नई धार देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘सेवा सेतु’ पोर्टल का शुभारंभ किया है। यह पोर्टल चिप्स द्वारा संचालित ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना का उन्नत संस्करण है, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि अब नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि 441 सरकारी सेवाएं अब एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदन करने और डिजिटल प्रमाण पत्र प्राप्त करने की सुविधा इस पहल को देश के सबसे आधुनिक नागरिक सेवा केंद्रों में से एक बनाती है।
441 सेवाएं अब मुट्ठी में: एआई और भाषिणी तकनीक से लैस हुआ सुशासन, 22 भाषाओं में मिलेगी जानकारी
‘सेवा सेतु’ पोर्टल को न केवल तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाया गया है, बल्कि इसे ‘भाषिणी’ तकनीक के जरिए 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है ताकि भाषा की बाधा दूर हो सके। अब आय, जाति, निवास और राशन कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के लिए नागरिक सीधे व्हाट्सएप पर स्टेटस चेक कर सकेंगे और अप्रूवल के बाद क्यूआर कोड आधारित डिजिटल हस्ताक्षरित सर्टिफिकेट वहीं प्राप्त कर सकेंगे। इस सिस्टम में आधार आधारित ई-केवाईसी, डिजी लॉकर और उमंग जैसे फीचर्स को भी एकीकृत किया गया है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय-सीमा में काम न होने पर ऑटोमेटिक पेनल्टी कैलकुलेशन की व्यवस्था भी लागू की गई है, जो सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही तय करेगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएगी।




