तेंदूपत्ता सीजन से पहले छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा एक्शन: हड़ताल की चेतावनी के बीच लगा एस्मा, अब काम रोका तो होगी जेल

छत्तीसगढ़ में 1 मई से शुरू होने वाले तेंदूपत्ता सीजन को लेकर सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है और बीजापुर वनमंडल समेत पूरे प्रदेश में एस्मा कानून लागू कर दिया है। 27 अप्रैल से कर्मचारियों और प्रबंधकों द्वारा अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर दी गई अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी के बाद शासन ने यह बड़ा फैसला लिया है ताकि लाखों संग्राहकों की आजीविका और करोड़ों की लघु वनोपज को बर्बाद होने से बचाया जा सके। नए आदेश के तहत अब तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य को अत्यावश्यक सेवा घोषित कर दिया गया है जिसका सीधा मतलब है कि कोई भी कर्मचारी या प्रबंधक अब काम करने से मना नहीं कर पाएगा और ऐसा करने पर उनके खिलाफ सीधी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आर्थिक नुकसान रोकने और आदिवासियों के हित में लिया फैसला
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी यह आदेश राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से आगामी 3 महीनों तक प्रभावी रहेगा जिसके तहत किसी भी तरह के कार्य बहिष्कार या प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। राज्य सरकार का यह कदम स्पष्ट करता है कि आदिवासी और वनवासी परिवारों की आय के प्रमुख स्रोत तेंदूपत्ता संग्रहण में किसी भी प्रकार की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का प्राथमिक उद्देश्य लघु वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देना और समय पर संग्रहण सुनिश्चित कर शासन को होने वाले बड़े आर्थिक नुकसान को रोकना है ताकि हितग्राहियों के हितों की रक्षा हर हाल में की जा सके।




