मालवा की समृद्धि का नया द्वार बनेगा उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरीडोर : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

नागदा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को नागदा में करीब 5,017 करोड़ रुपये की लागत वाली उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरिडोर परियोजना का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल सड़क निर्माण नहीं, बल्कि पूरे मालवा क्षेत्र के विकास, उद्योग, व्यापार, कृषि और पर्यटन को नई गति देने वाली आधारभूत परियोजना है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह कॉरिडोर सिंहस्थ-2028 से पहले, दिसंबर 2027 तक बनकर तैयार हो जाएगा।

करीब 98.73 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर से उज्जैन को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधा और तेज संपर्क मिलेगा। परियोजना से उज्जैन जिले के 50 और रतलाम जिले के 12 गांवों सहित लगभग 35 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। कॉरिडोर में 7 फ्लाईओवर, 3 रेल ओवरब्रिज, 8 बड़े पुल, 22 मध्यम पुल, 36 अंडरपास, 2 ओवरपास और 430 पुलियाओं का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क से निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए यह मार्ग सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने उज्जैन-जावरा के बीच मौजूदा सड़क के चौड़ीकरण को मंजूरी देने, नागदा और खाचरौद को फोरलेन सड़क से रतलाम से जोड़ने, खाचरौद में नई मटर मंडी के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने, फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने, अटलावदा-निनावटखेड़ा के बीच चंबल नदी पर नया बांध बनाने तथा नागदा में नया आईटीआई खोलने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने नागदा में अस्थायी भवन में केंद्रीय विद्यालय का शुभारंभ भी किया। उन्होंने बताया कि विद्यालय के स्थायी परिसर के लिए 2.01 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध करा दी गई है। फिलहाल पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित होंगी और 30 जुलाई से शिक्षण कार्य शुरू होगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘जन सेवा प्रहरी अभियान’ का भी शुभारंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य सड़क दुर्घटना के बाद के पहले 60 मिनट यानी गोल्डन ऑवर में घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराकर उनकी जान बचाना है। इसके तहत ब्लैक स्पॉट्स पर दुकानदारों, ढाबा संचालकों और पेट्रोल पंप कर्मियों को फर्स्ट एड, सीपीआर और कानूनी अधिकारों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 1,549 स्वयंसेवकों ने पंजीयन कराया है, जबकि 155 जन सेवा प्रहरियों को प्रमाण-पत्र दिए जा चुके हैं।
कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, राज्यसभा सांसद महंत श्री बाल योगी उमेशनाथ, सांसद अनिल फिरोजिया, विभिन्न विधायक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।



