Rajouri Terrorist Encounter: राजौरी के जंगलों में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, 2-3 आतंकवादियों के घिरे होने की आशंका

राजौरी: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले से इस वक्त की बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। यहाँ के दोरिमाल के घने जंगलों में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ (Terrorist Encounter) शुरू हो गई है। शुरुआती इनपुट्स के मुताबिक, जंगल के एक हिस्से में कम से कम 2 से 3 आतंकियों के फंसे होने की आशंका है। भारतीय सेना और स्थानीय पुलिस ने पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया है और दोनों ओर से भारी गोलीबारी जारी है।
तलाशी अभियान के दौरान आतंकियों ने खोली गोलीबारी (Search Operation in Rajouri)
लोकल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को दोरिमाल के जंगलों में कुछ संदिग्ध आतंकियों की मूवमेंट (Terrorist Movement) की पक्की सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) की संयुक्त टीम ने पूरे इलाके में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन (Search Operation) लॉन्च किया। सुरक्षा बल जैसे ही जंगल के भीतर दाखिल हुए, वहां छिपे बैठे आतंकवादियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई करते हुए जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया है।
किश्तवाड़ में पहले ही हो चुका है आतंकियों का सफाया (Terror Network Demolished)
आपको बता दें कि इसी साल फरवरी के महीने में भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर (White Knight Corps) ने किश्तवाड़ जिले से आतंकी नेटवर्क के पूरी तरह खात्मे का एलान किया था। सेना ने बकायदा सात खूंखार आतंकवादियों की तस्वीरें जारी कर बताया था कि 326 दिनों तक चले कड़े अभियान के बाद किश्तवाड़ को पूरी तरह आतंक मुक्त कर दिया गया है। मारे गए आतंकियों में किश्तवाड़ हमले का मास्टरमाइंड और जैश-ए-मोहम्मद का टॉप कमांडर सैफुल्लाह भी शामिल था।
सेना प्रमुख की पाकिस्तान को खुली चेतावनी (Army Chief Warning to Pakistan)
यह मुठभेड़ ऐसे समय में हो रही है जब पिछले ही हफ्ते सेना प्रमुख (Army Chief) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को बेहद कड़ा और सीधा संदेश दिया था। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा था कि अगर पाकिस्तान अपनी जमीन पर आतंकियों को पनाह देना बंद नहीं करता, तो उसे खुद तय करना होगा कि वह आने वाले वक्त में दुनिया के भूगोल (Geography) का हिस्सा रहना चाहता है या सिर्फ इतिहास (History) बनकर रह जाएगा। सेना प्रमुख का यह बयान भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) की पहली वर्षगांठ मनाने के ठीक बाद आया है, जो साफ करता है कि भारतीय सेना आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।



