Most Wanted Terrorist Burhan Funeral: पाकिस्तान फिर बेनकाब, पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड बुरहान के जनाजे में पहुंचे सलाहुद्दीन और ISI अफसर

नई दिल्ली/इस्लामाबाद: आतंकवादियों की फैक्ट्री कहे जाने वाले पाकिस्तान का क्रूर चेहरा एक बार फिर दुनिया के सामने आ गया है। भारत के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक और पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड (Pulwama Attack Mastermind) हमजा बुरहान के जनाजे में पाकिस्तान के टॉप मोस्ट वांटेड आतंकवादी (Most Wanted Terrorist) एक साथ नजर आए हैं।
हमजा बुरहान उर्फ अर्जुमंद गुलजार डार (कोडनेम “डॉक्टर”) को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में अज्ञात हमलावरों ने मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद इस्लामाबाद में हुए उसके जनाजे में हिजबुल मुजाहिदीन (Hizbul Mujahideen) के सरगना सैयद सलाहुद्दीन और अल-बद्र के प्रमुख बख्त जमीन खान सहित कई खूंखार आतंकी सरेआम घूमते दिखे।
जनाजे में पहुंचे ISI अधिकारी और आधुनिक हथियार (ISI Officials and AK-47)
सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हो रहे वीडियो और स्थानीय इनपुट्स के मुताबिक, इस जनाजे में सिर्फ आतंकी ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI Officials) के बड़े अधिकारी भी शामिल हुए। वीडियो में साफ दिख रहा है कि जनाजे के दौरान प्रतिबंधित संगठनों के गुर्गे AK-47 राइफलें और दूसरे खतरनाक आधुनिक हथियारों से लैस होकर खुलेआम घूम रहे थे।
बुरहान वही आतंकी है जो 2019 में हुए पुलवामा हमले की साजिश में शामिल था, जिसमें सीआरपीएफ (CRPF) के 40 से अधिक जवान शहीद हो गए थे। उसकी खतरनाक हरकतों को देखते हुए भारत के केंद्रीय गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने 2022 में ही उसे आतंकवादी घोषित कर दिया था।
PoK में प्रिंसिपल बनकर छिपा था आतंकी बुरहान (Terrorist Hiding in PoK)
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, बुरहान पाकिस्तान में बैठकर अल-बद्र संगठन के लिए काम करता था। उसका मुख्य काम कश्मीरी युवाओं को भड़काना, आतंकी भर्ती (Terrorist Recruitment) करना और टेरर फंडिंग (Terror Funding) जुटाना था। हाल के दिनों में वह अपनी पहचान छिपाकर मुजफ्फराबाद के एक प्राइवेट कॉलेज में प्रिंसिपल (College Principal) बनकर रह रहा था।
गुरुवार सुबह जैसे ही वह कॉलेज से बाहर निकला, अज्ञात बंदूकधारियों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। उसके सिर पर कई गोलियां लगीं और मौके पर ही उसका काम तमाम हो गया। इससे पहले मई 2025 में भी पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों को आतंकियों के जनाजे में शामिल होते देखा गया था, जो साबित करता है कि पाकिस्तान आज भी आतंकियों को पाल रहा है।



