वाराणसी से कोयला कारोबारी गिरफ्तार: शुभेंदु अधिकारी के पीए हत्याकांड में सीबीआई का बड़ा एक्शन, शूटरों को फंड देने का आरोप

वाराणसी। पश्चिम बंगाल के कद्दावर नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या के मामले में एक बहुत बड़ी खबर आई है. देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) ने इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक और बड़ी गिरफ्तारी की है.
सीबीआई की टीम ने वाराणसी से एक रसूखदार कोयला कारोबारी को धर दबोचा है. पकड़े गए इस कारोबारी का नाम विनय राय उर्फ पमपम है. वह मूल रूप से झारखंड के धनबाद में रहकर कोयले का बड़ा कारोबार करता था.
शूटरों को पैसे और हथियार मुहैया कराने का आरोप
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की साजिश में विनय राय की बेहद अहम और खतरनाक भूमिका सामने आई है. आरोप है कि विनय ने ही इस पूरे मर्डर को अंजाम देने के लिए शूटरों का इंतजाम किया था और उन्हें भारी-भरकम फंड (पैसा) उपलब्ध कराया था.
इससे पहले सीबीआई ने इस मामले में दो आरोपियों राज और राजकुमार को गिरफ्तार किया था. जब एजेंसी ने इन दोनों से कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने कोयला कारोबारी विनय राय का नाम उगला. इसी सुराग के आधार पर सीबीआई ने वाराणसी में जाल बिछाकर विनय को गिरफ्तार कर लिया.
घर से महज 100 मीटर दूर रोककर बरसाई थीं गोलियां
यह पूरी वारदात बीते 6 मई को पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम इलाके में हुई थी. हमलावरों ने बेहद सुनियोजित तरीके से शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की गाड़ी का कार और बाइक से पीछा किया था. उनके घर से महज 100 मीटर पहले रास्ता रोककर हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि चंद्रनाथ रथ को करीब से चार गोलियां मारी गई थीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. इस जानलेवा हमले में उनका ड्राइवर बुद्धदेब बेरा भी गंभीर रूप से घायल हो गया था.
राजनीतिक रंजिश या बड़ी साजिश?
इस हत्याकांड के बाद शुभेंदु अधिकारी ने साफ कहा था कि यह एक सोची-समझी राजनीतिक हत्या है. चंद्रनाथ रथ की किसी से कोई निजी दुश्मनी नहीं थी. पीड़ित परिवार की मांग पर ही मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. वाराणसी से हुई इस गिरफ्तारी के बाद अब कोयला सिंडिकेट और इस हत्याकांड के आपसी कनेक्शन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.



