नीट परीक्षा रद्द: 22 लाख छात्रों का भविष्य अधर में, अब CBI करेगी पेपर लीक की जांच

नई दिल्ली/रायपुर। मेडिकल की पढ़ाई का सपना देख रहे लाखों छात्रों के लिए बुरी खबर है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई 2026 को आयोजित हुई NEET (UG) परीक्षा को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है। पेपर लीक के आरोपों और देशभर में बढ़ते विवाद के बाद सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है। अब यह परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी।

पारदर्शिता के लिए फैसला, नई तारीखों का इंतजार
NTA ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए इसे रद्द करना जरूरी था। एजेंसी ने कहा कि जांच एजेंसियों से मिले इनपुट की समीक्षा के बाद यह पाया गया कि परीक्षा के दौरान धांधली हुई थी। अब छात्रों को फिर से परीक्षा देनी होगी। हालांकि, दोबारा परीक्षा कब होगी, इसकी तारीखों का ऐलान अभी नहीं किया गया है। जल्द ही NTA की वेबसाइट पर नया शेड्यूल और एडमिट कार्ड की जानकारी दी जाएगी।
CBI के हवाले जांच, 45 लोग हिरासत में
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच का जिम्मा CBI को सौंप दिया है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) पहले ही इस मामले में एक्शन मोड में है। अब तक देश के अलग-अलग हिस्सों से 45 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया जा चुका है।
जांच एजेंसियां दो मुख्य बिंदुओं पर फोकस कर रही हैं। क्या प्रश्नपत्र की छपाई (Printing Press) के दौरान पेपर बाहर निकला। क्या पेपर सेट करने वाली टीम के किसी सदस्य ने मिलीभगत की
‘गेस पेपर’ ने खोली पोल
विवाद की शुरुआत एक कथित ‘गेस पेपर’ से हुई थी। सोशल मीडिया और छात्रों के बीच एक ऐसा पेपर घूम रहा था, जिसमें से करीब 600 नंबर के सवाल असली परीक्षा के पेपर से हूबहू मिल रहे थे। इसके बाद से ही छात्र और अभिभावक सड़कों पर उतर आए थे।
इस साल करीब 22 लाख छात्रों ने नीट की परीक्षा दी थी। परीक्षा रद्द होने से छात्रों में भारी निराशा है, क्योंकि उनकी सालों की मेहनत दांव पर लग गई है। वहीं, शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि दोबारा परीक्षा कराना ही निष्पक्षता के लिए एकमात्र रास्ता था।



