छत्तीसगढ़ में शक्तिपीठ योजना से संवरेंगे मंदिर, भोरमदेव के विकास के लिए 148 करोड़ मंजूर

कबीरधाम/रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के कायाकल्प के लिए लगातार कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य के प्रमुख देवस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और उनकी सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर निखारने का काम किया जा रहा है।

शक्तिपीठ योजना और भोरमदेव का विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के प्रसिद्ध देवी मंदिरों को ‘शक्तिपीठ योजना’ के तहत विकसित किया जा रहा है। इसी कड़ी में कबीरधाम जिले के ऐतिहासिक भोरमदेव महादेव मंदिर के लिए ‘स्वदेश दर्शन योजना’ के अंतर्गत 148 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। इस बजट से मंदिर परिसर में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा।
रामलला दर्शन योजना की सफलता
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के आध्यात्मिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह प्रदेश माता कौशल्या की पावन जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने ‘रामलला दर्शन योजना’ शुरू की है। इस योजना के तहत अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु सरकारी खर्च पर अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति के संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है। भोरमदेव और अन्य धार्मिक स्थलों का विकास न केवल आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।



