सरगुजा के वनांचल में खत्म होगा जल संकट: पहाड़ी कोरवा बस्तियों में लगेंगे 113 हैंडपंप, सीएम साय के निर्देश पर काम शुरू

सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सुदूर वन क्षेत्रों और विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह पहाड़ी कोरवा की बस्तियों में पेयजल समस्या के स्थाई समाधान के लिए प्रशासन ने बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कड़े निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने एक महीने के भीतर 113 नए हैंडपंप और बोरवेल स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इस कदम से हजारों ग्रामीणों को पारंपरिक झरिया और दूरस्थ जल स्रोतों के बजाय घर के पास ही शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में अपने सरगुजा दौरे के दौरान वनांचल क्षेत्रों में पानी की किल्लत पर चिंता जताई थी और कलेक्टर को तत्काल कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री की इसी संवेदनशीलता का परिणाम है कि अब जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दी गई है। सरकार का लक्ष्य है कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से पहुंचें।
सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए संबंधित विभागों और जनपद पंचायत सीईओ को एक माह की समय-सीमा (डेडलाइन) दी है। जिला खनिज निधि से स्वीकृत इन कार्यों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। स्वीकृत योजना के अनुसार लुण्ड्रा विकासखंड में 34, बतौली में 6, लखनपुर में 22, अंबिकापुर में 11, सीतापुर में 16, मैनपाट में 20 और उदयपुर में 4 नए हैंडपंप लगाए जाएंगे।
इस परियोजना को 24 अप्रैल को आयोजित डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में मंत्री राजेश अग्रवाल और विधायक प्रबोध मिंज की उपस्थिति में मंजूरी दी गई थी। भीषण गर्मी के बीच इस त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई से सैकड़ों गांवों के निवासियों, विशेषकर पहाड़ी कोरवा परिवारों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। तय समय सीमा में कार्य पूर्ण होने से वनांचल के निवासियों को इस सीजन में पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।



