गरियाबंद में खूंखार तेंदुए का आतंक: 3 साल की मासूम को जबड़े में दबाकर भागा शिकारी, मां की बहादुरी ने मौत के मुंह से खींचा

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में तेंदुए के जानलेवा हमले ने पूरे इलाके को थर्रा कर रख दिया है। कोटरीछापर गांव में घर के बाहर खेल रही 3 साल की मासूम बच्ची पर तेंदुए ने अचानक झपट्टा मारा और उसे उठाकर जंगल की ओर ले जाने की कोशिश की। अपनी ममता और साहस का परिचय देते हुए मां ने तत्काल शोर मचाया जिससे ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए और सामूहिक प्रयास से बच्ची को तेंदुए के चंगुल से छुड़ाने में कामयाबी हासिल की। इस भीषण संघर्ष में बच्ची के गर्दन और पैर पर गहरे जख्म आए हैं जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया है लेकिन इलाके में पसरी दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है।
दो महीने में दूसरा शिकार: वन विभाग ने थमाई महज एक हजार की मदद, ग्रामीणों में फूट रहा व्यवस्था के खिलाफ गुस्सा
गरियाबंद का यह इलाका लंबे समय से वन्य प्राणियों के निशाने पर है और पिछले दो महीनों के भीतर तेंदुए का यह दूसरा बड़ा हमला है। इससे पहले एक बुजुर्ग पर भी खूंखार हमला हो चुका है जिससे साफ है कि आदमखोर प्रवृत्ति का यह तेंदुआ रिहाइशी इलाकों में बेखौफ घूम रहा है। वन विभाग की टीम ने पीड़ित परिवार को केवल एक हजार रुपये की तात्कालिक सहायता राशि देकर अपनी जिम्मेदारी की औपचारिकता पूरी की है जिससे स्थानीय लोगों में भारी असंतोष देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़ने या पिंजरा लगाने की मांग की है क्योंकि शाम ढलते ही लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं।
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