कोरिया में मौत की सुरंगों पर कड़ा प्रहार: 150 मीटर लंबी गुफाओं में घुसी फ्लाइंग स्क्वाड, अवैध कोयला माफिया के साम्राज्य को ब्लास्ट कर उड़ाने की तैयारी

कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में अवैध कोयला खनन के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। राजधानी रायपुर से पहुंची सेंट्रल फ्लाइंग स्क्वाड की टीम ने लगातार दूसरे दिन देवखोल और भालूमाड़ा के जंगलों में दबिश दी, जहां जमीन के नीचे करीब 150 मीटर लंबी अवैध सुरंगों का जाल बिछा हुआ था। प्रशासन के इस कड़े रुख से पूरे इलाके के कोयला माफियाओं में हड़कंप मच गया है क्योंकि अब इन खतरनाक सुरंगों को ब्लास्टिंग कर हमेशा के लिए जमींदोज करने का फैसला लिया गया है।
निरीक्षण के दौरान फ्लाइंग स्क्वाड और जिला टास्क फोर्स की टीम ने देवखोल जंगल के भीतर मौत के कुओं की तरह फैली सुरंगों का जायजा लिया। हालांकि रविवार की दबिश के वक्त मौके पर कोई सामग्री नहीं मिली, लेकिन शनिवार को इसी अभियान के तहत टीम ने बड़ी सफलता हासिल की थी। संयुक्त टीम ने 150 मीटर लंबी इन सुरंगों के भीतर घुसकर न केवल 6 टन से ज्यादा अवैध कोयला बरामद किया, बल्कि खुदाई में इस्तेमाल होने वाले बिजली के पंप, पाइप, गेती और फावड़ा जैसे उपकरण भी जब्त किए।
इस बड़ी कार्रवाई में कोरिया जिले के साथ-साथ सूरजपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और जीपीएम जिले के खनिज अधिकारी भी शामिल रहे। राजस्व, वन और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर खनन स्थलों का चिन्हांकन कर लिया है। अधिकारियों ने दोटूक शब्दों में कहा है कि अब इन क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी और एसईसीएल के साथ मिलकर इन रास्तों को ब्लास्टिंग के जरिए स्थाई रूप से बंद कर दिया जाएगा।
दरअसल, प्रशासन अब इन चिन्हित स्थानों पर निगरानी और कड़ी करने जा रहा है ताकि माफिया दोबारा सक्रिय न हो सकें। शनिवार और रविवार को चली इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि मैदानी स्तर पर अवैध खनन को जड़ से मिटाने के लिए शासन अब जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। आने वाले दिनों में जंगलों और खदान क्षेत्रों में इस तरह के संयुक्त अभियान और तेज किए जाएंगे।



