“मैं छत्तीसगढ़ का भांचा हूं और यहां मेरा पूरा अधिकार है…” कोरबा में बोले बागेश्वर बाबा, ऊर्जाधानी के कोयले की भी जमकर की तारीफ!

कटघोरा। ऊर्जाधानी कोरबा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पांच दिवसीय हनुमंत कथा का शुभारंभ हो गया है। कथा के पहले दिन ही ढपढप स्थित आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे व्यवस्थाएं संभालना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया।
मंच संभालते ही पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कोरबा की ऊर्जा क्षमता को नमन किया। उन्होंने कहा कि कोरबा देश को रोशन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि यदि कोरबा का कोयला बंद हो जाए तो मध्य प्रदेश सहित कई क्षेत्रों में अंधेरा छा सकता है।
कथा के दौरान धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आसपास सक्रिय लोगों द्वारा किए जा रहे धर्मांतरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस पर रोक लगाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग अपनी परंपरा से दूर हो गए हैं, उन्हें वापस जोड़ा जाएगा।
अपने संबोधन में उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांजा बताते हुए कहा कि यह माता कौशल्या की पावन भूमि है और यहां आकर उन्हें विशेष आत्मीयता का अनुभव होता है। उन्होंने कोरबा वासियों के स्नेह और आस्था की सराहना की।
यह हनुमंत कथा 1 अप्रैल तक चलेगी, जिसमें दिव्य दरबार का भी आयोजन किया जाएगा। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए हैं।



