अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष : स्व-सहायता समूह से बदली जिंदगी: सूरजपुर की ममता और चन्दा बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल…

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण की दिशा में संचालित योजनाएं और स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। सामूहिक सहयोग और छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। सूरजपुर जिले की ममता राजवाड़े और चन्दा इसकी प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आई हैं।
सूरजपुर की रहने वाली ममता राजवाड़े ने लक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की शुरुआत की। समूह की बैठकों और बचत की आदत ने उनके भीतर आत्मविश्वास जगाया। उन्होंने समूह से ऋण लेकर अपने घर के पास एक किराना दुकान शुरू की और मेहनत के दम पर अपने कारोबार को आगे बढ़ाया।
व्यवसाय में स्थिरता आने के बाद ममता ने अपने काम का विस्तार करते हुए फोटो कॉपी मशीन भी खरीदी, जिससे उनकी आय का नया स्रोत तैयार हुआ। आज उनकी मासिक आय 20 से 30 हजार रुपये तक पहुंच गई है। ममता का कहना है कि स्व-सहायता समूह ने उन्हें आर्थिक सहयोग के साथ-साथ आत्मविश्वास भी दिया।
इसी तरह सूरजपुर की चन्दा ने भी बिहान स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन को नई दिशा दी। समूह से प्रेरणा लेकर उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर किराना दुकान शुरू की। मेहनत के बल पर आज उन्हें हर महीने लगभग 10 से 15 हजार रुपये की आय होने लगी है।
आज ममता और चन्दा दोनों ही अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को मजबूती से निभाते हुए आसपास की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।



