बस्तर में धर्म प्रचार पर बवाल: गांव में भिड़े दो पक्ष, मारपीट के बाद थाने पहुंची बात

जगदलपुर। जिले के बस्तर थाना क्षेत्र अंतर्गत रेटावंड गांव में ओडिशा से आए एक परिवार को लेकर स्थिति बेकाबू हो गई है। ग्रामीणों ने इस परिवार और एक पास्टर पर गांव में रहकर गुप्त रूप से धर्म प्रचार करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के बाद मारपीट की नौबत आ गई जिससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि वे किसी भी बाहरी व्यक्ति को गांव में स्थायी रूप से रहने और धार्मिक गतिविधियों को संचालित करने की अनुमति नहीं देंगे।

पुलिस की दखल के बाद सुलझा मामला और गांव छोड़ने पर बनी सहमति
घटना की शिकायत लेकर विशेष समुदाय के लोग बस्तर थाना पहुंचे जहां उन्होंने ग्रामीणों पर डराने-धमकाने और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल सरपंच, कोटवार और दोनों पक्षों के प्रमुखों की बैठक बुलाई। लंबी चर्चा और समझाइश के बाद यह निर्णय लिया गया कि ओडिशा का यह परिवार अपने बच्चों की परीक्षाएं समाप्त होते ही गांव खाली कर देगा। फिलहाल पुलिस ने शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए दोनों पक्षों को सख्त हिदायत दी है और भविष्य में कानून हाथ में न लेने की चेतावनी जारी की है।
बस्तर में धर्म प्रचार पर बवाल: गांव में भिड़े दो पक्ष, मारपीट के बाद थाने पहुंची बात
बाहरी परिवार के रहने और गतिविधियों पर भड़का ग्रामीणों का गुस्सा
जगदलपुर के बस्तर थाना क्षेत्र अंतर्गत रेटावंड गांव में ओडिशा से आए एक परिवार को लेकर स्थिति बेकाबू हो गई है। ग्रामीणों ने इस परिवार और एक पास्टर पर गांव में रहकर गुप्त रूप से धर्म प्रचार करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के बाद मारपीट की नौबत आ गई जिससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि वे किसी भी बाहरी व्यक्ति को गांव में स्थायी रूप से रहने और धार्मिक गतिविधियों को संचालित करने की अनुमति नहीं देंगे।
पुलिस की दखल के बाद सुलझा मामला और गांव छोड़ने पर बनी सहमति
घटना की शिकायत लेकर विशेष समुदाय के लोग बस्तर थाना पहुंचे जहां उन्होंने ग्रामीणों पर डराने-धमकाने और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल सरपंच, कोटवार और दोनों पक्षों के प्रमुखों की बैठक बुलाई। लंबी चर्चा और समझाइश के बाद यह निर्णय लिया गया कि ओडिशा का यह परिवार अपने बच्चों की परीक्षाएं समाप्त होते ही गांव खाली कर देगा। फिलहाल पुलिस ने शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए दोनों पक्षों को सख्त हिदायत दी है और भविष्य में कानून हाथ में न लेने की चेतावनी जारी की है।



