‘भ्रष्टाचार में डूबी कांग्रेस को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए’, नितिन नवीन पर बयान को लेकर रामविचार नेताम का पलटवार

रायपुर। कांग्रेस के भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के पैसे वसूलने छत्तीसगढ़ आने वाले बयान पर मंत्री राम विचार नेताम ने कड़ा जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बारे में इस तरह की टिप्पणी उचित नहीं है. कांग्रेस को ऐसे आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए. कांग्रेस ने सारी मर्यादाएं तार-तार कर दी हैं. भ्रष्टाचार के आरोपों में डूबी कांग्रेस को इस तरह की बातें करने से बचना चाहिए. समय आने पर जनता उन्हें जवाब देगी.
मंत्री रामविचार नेताम ने शनिवार को मीडिया से जनजातीय गौरव दिवस की तैयारियों और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से लेकर प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दौरे को लेकर चर्चा की. उन्होंने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाता है. इस अवसर पर 11 से 18 नवंबर तक सप्ताहभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
उन्होंने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन रायगढ़ आएंगे. भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी और सह प्रभारी सिद्धार्थ शंभू भी रायगढ़ पहुंचेंगे. इसमें छात्र-छात्राओं, जनजातीय समाज की संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों और कलाकृतियों को लेकर अलग-अलग आयोजन होंगे. कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर व्यापक समीक्षा की जाएगी.
पटवारियों का आंदोलन जानबूझकर खत्म नहीं कराने और धान खरीदी से बचने के कांग्रेस के आरोपों पर मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि कांग्रेस मुद्दाविहीन हो चुकी है. सरकार आंदोलनरत पटवारियों के संपर्क में है. हम सभी उनसे निवेदन कर रहे हैं कि किसानों के हित को देखते हुए आंदोलन समाप्त करें. उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सरकार के हर अच्छे काम में खामी नजर आती है. धान खरीदी के लिए 360 नए उपार्जन केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है, ताकि किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो. सरकार किसानों को सुविधाएं देने और उनके हित में लगातार काम कर रही है.
वहीं दिल्ली नहीं जाने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी होने पर रामविचार नेताम ने कहा कि यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है. कार्रवाई करते-करते एक दिन खाली हो जाएगी कांग्रेस. उनकी पार्टी में अब अनुशासन नहीं रह गया है, उनकी पार्टी में इसी तरह की स्थिति लगातार बनी रहती है.



