ऑनलाइन गेमिंग और साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा, मास्टरमाइंड समेत 4 गिरफ्तार

खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की छुईखदान थाना पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और साइबर फ्रॉड के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए मास्टरमाइंड समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी किराए पर लिए गए बैंक खातों के जरिए देशभर में साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क संचालित कर रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 10.50 लाख रुपये की संपत्ति जब्त और फ्रीज की है।
बैंक खाते में मिला 1.69 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन
पुलिस जांच में एक खाताधारक के बैंक खाते में विभिन्न राज्यों से 1,69,32,368 रुपये का संदिग्ध लेन-देन सामने आया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया।
मुंबई से संचालित हो रहा था नेटवर्क
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और साइबर फ्रॉड का नेटवर्क मुंबई के पलावा सिटी से संचालित किया जा रहा था। आरोपी बैंक खाते किराए पर लेकर उनके माध्यम से अवैध लेन-देन करते थे।
4 आरोपी गिरफ्तार, बड़ी मात्रा में सामान जब्त
छुईखदान पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 19 एटीएम कार्ड, 5 बैंक पासबुक, 14 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया है।जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेजों की अनुमानित कीमत 5.50 लाख रुपये आंकी गई है। वहीं, आरोपियों के बैंक खातों में 5 लाख रुपये फ्रीज किए गए हैं। इस तरह कुल 10.50 लाख रुपये की कार्रवाई की गई है।
बैंक खाते किराए पर लेकर चल रहा था खेल
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह बैंक खातों को किराए पर लेकर ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के लिए इस्तेमाल करता था। इन्हीं खातों के जरिए साइबर फ्रॉड से प्राप्त रकम का लेन-देन किया जाता था।
इन धाराओं के तहत मामला दर्ज
छुईखदान थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 254/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2), 317(4), 318(4), 61(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों और आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही है। संभावना है कि जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।



