बाइक पर आई लाचार पत्नी के लिए देवदूत बने कलेक्टर: कैंसर पीड़ित महिला को मिला सरकारी सहारा

काटाबहरा निवासी समलू मरकाम जब अपनी पत्नी कपूरा मरकाम को बाइक पर लेटाकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, तो उनकी बेबसी देख हर कोई दंग रह गया। थायराइड कैंसर के चौथे स्टेज से जूझ रही और चलने-फिरने में पूरी तरह लाचार महिला की हालत देख कलेक्टर गोपाल वर्मा ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने बिना देरी किए मौके पर ही एम्बुलेंस बुलवाई और पीड़िता को जिला अस्पताल में भर्ती कराते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कड़े निर्देश दिए। अब प्रशासन इस गंभीर मरीज को बेहतर इलाज के लिए फिर से रायपुर भेजने की तैयारी कर रहा है।
मुंबई से रायपुर तक का संघर्ष और अब प्रशासन की नई उम्मीद
पीड़िता का संघर्ष काफी लंबा रहा है जहाँ वह एम्स रायपुर और टाटा मेमोरियल मुंबई जैसे बड़े संस्थानों में इलाज करा चुकी हैं। नवंबर 2025 में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें रायपुर भेजकर कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराई थी। घर पर स्वास्थ्य लाभ लेने के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने पर पति उन्हें बाइक से ही कलेक्ट्रेट ले आया। प्रशासन अब सक्रियता दिखाते हुए महिला को रायपुर के कैंसर रिसर्च यूनिट में विशेषज्ञों की निगरानी में रखने जा रहा है ताकि इस घातक बीमारी के आखिरी पड़ाव पर उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता मिल सके।
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